बेगूसराय (बिहार: भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री और बिहार के बेगुसराय से सांसद गिरिराज सिंह आए दिन अपने बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं. नए साल पर उन्होंने एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान दे डाला. उन्होंने कहा कि मिशनरी स्कूलों से पढ़कर विदेश जाने वाले ज्यादातर भारतीय बीफ खाना शुरू कर देते हैं. ऐसे में छात्रों को संस्कारवान बनाने के लिए प्राइवेट स्कूलों में गीता के श्लोकों की शिक्षा दी जानी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह) ने गुरुवार को कहा कि भारतीय बच्चे विदेश जाते हैं और उनमें से ज्यादातर लोग गोमांस खाना शुरू कर देते हैं क्योंकि उन्हें हमारी ‘संस्कृति’ और ‘पारंपरिक मूल्यों’ के बारे में नहीं सिखाया जा रहा है. भागवद गीता को स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को मिशनरी स्कूल में भेजते हैं. वे आईआईटी के के जरिए इंजीनियर बनते हैं और विदेश जाते हैं. विदेश जाने वाले ज्यादातर भारतीय छात्र विदेश में गोमांस खाना शुरू कर देते हैं. ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि हमने उन्हें अपनी संस्कृति व पारंपरिक मूल्यों के बारे में नहीं सिखाया.

गिरिराज सिंह ने ‘श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान’ में बोलते हुए कहा कि आगे से शिक्षण संस्थानों में गीता के श्लोक (श्लोक) का पाठ पढ़ाना चाहिए. पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पहले 100 से अधिक घरों का हनुमान चालीसा रहती थी, लेकिन अब केवल सौ में से 15 घरों में यह पाया गया और गीता और रामायण की किताबें तो केवल दो-तीन घरों में. इसलिए हम बच्चों को दोष नहीं दे सकते. सभी की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सही संस्कार दें.