पटना: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने मंगलवार को कहा कि बेगूसराय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है. हालांकि, उन्‍होंने कहा कि यदि भाकपा उन्‍हें उम्‍मीदवार बनाती है वे चुनाव लड़ने से इंकार नहीं कर सकते. Also Read - महज 21 साल की आर्या राजेंद्रन इस राज्य में बनेंगी देश की सबसे युवा मेयर, बीएससी गणित की हैं छात्रा

Also Read - West Bengal Assembly Election 2021: पश्चिम बंगाल में होगा त्रिकोणीय मुकाबला, वाम दलों के साथ गठबंधन करेगी कांग्रेस

बिहार में अब तक महागठबंधन की रूपरेखा भी तय नहीं हुई है. कन्‍हैया ने कहा कि पार्टी (भाकपा) ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और इस पर घटक दलों की भी सहमति हुई तो मैं चुनाव लड़ने से कैसे मना कर सकता हूं. पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कन्हैया ने यह बात कही. पटना में एम्स में मित्र से मुलाकात के दौरान हुए हंगामे को लेकर मुकदमे को लेकर कन्हैया ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने, उनके साथ बुरा सलूक किए जाने तथा उनपर फर्जी मुकदमा दायर करने के लिए चिकित्सक जैसे पेशे का और एम्स जैसे प्रतिष्ठित स्वायतशासी संस्थान का गैरजरूरी इस्तेमाल किया. Also Read - बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब इस तैयारी में विपक्षी महागठबंधन...

केंद्रीय मंत्री बोले- बिहार के शहरों के भी नाम बदले जाएं, नीतीश की पार्टी ने कहा- पहले महंगाई, बेरोजगारी की बात करें

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के इसको लेकर उन पर किए गए प्रहार पर कन्हैया ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जो स्वयं ‘गुंडा’ होते हैं, उन्हें हर कोई ‘गुंडा’ ही नजर आता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पांडेय का अपने विभाग की कुव्यवस्था को लेकर कोई बयान नहीं आता है पर कन्हैया कुमार के बारे में उनका तुरंत बयान आता है जो अपने आप में एक राजनीतिक साजिश है. कन्हैया ने कहा कि बेगूसराय की घटना की आड़ में उन्हें हिन्दू विरोधी बताने की कोशिश की जा रही है. मैं किसी धर्म का विरोधी नहीं हूं बल्कि धार्मिक कुरीति का विरोधी हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अलग-अलग समय में विभिन्न पेशे से जुडे हुए लोगों का और उनकी भावना एवं आस्था का इस्तेमाल कर अपने राजनीतिक विरोधियों को चुप कराना चाहती है.

एनडीए से हाथ मिलाने पर तेजस्‍वी ने नीतीश कुमार के डीएनए पर उठाए सवाल, कहा चचा तो ‘चीट मिनिस्टर’ हैं

यह पूछे जाने कि बिहार की पिछली महागठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान राजकीय अतिथि बना कर पटना बुलाये जाने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सम्मान दिए जाने के बावजूद यहां आप अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगा रहे हैं, पर कन्हैया ने कहा कि जिन लोगों ने उनके आंदोलन के दौरान समर्थन दिया उनके हम शुक्रगुजार हैं. लेकिन अगर उनके शासनकाल में कोई कुव्यवस्था दिखेगी तो उस पर सवाल भी पूछेंगे. मुजफ्फरपुर में एक बालिका गृह में लडकियों के यौन शोषण के मामले को लेकर कन्हैया ने कहा कि उस मामले की जांच में हुआ विलंब अपने आप में सवाल खडे करता है. जदयू से जुडे मंत्री का इस्तीफा हुआ पर भाजपा से जुडे लोगों का इस्तीफा नहीं हुआ.

बिहार: रामविलास पासवान की लोजपा ने गाड़ा खूंटा, कहा लोकसभा चुनाव में सात सीट से कम पर गठबंधन नहीं

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कन्हैया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपनी सरकार के भीतर हो रही गडबडी पर चुप हैं. प्रधानमंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं. कन्हैया ने आगामी 25 अक्तूबर को पटना में भाकपा द्वारा प्रस्तावित ‘‘भाजपा हराओ देश बचाओ’’ रैली का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कांग्रेस और राजद सहित सभी गैर राजग दलों को आमंत्रित किया गया है.