नई दिल्ली. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए बिहार के मोतिहारी में जल्द ही अपना केंद्र खोलेगा. आईआईएमसी के महानिदेशक के.जी. सुरेश ने यह जानकारी यहां शनिवार को दी. मैथिल पत्रकार ग्रुप की ओर से प्रेस क्लब में आयोजित मिथिला महोत्सव-4 और प्रथम मिथिला लिटरेचर फेस्टिवल में सुरेश ने कहा कि आईआईएमसी मिथिला, मैथिली और मिथिलांचल पर जल्द ही शोध कार्यक्रम शुरू करेगा. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि वह मैथिल पत्रकार ग्रुप के साथ जनवरी से ही विभिन्न स्टडी कार्यक्रम की शुरुआत करें. Also Read - IIMC Admission 2020: आईआईएमसी में बिना एंट्रेंस एग्जाम का होगा एडमिशन, बस करना होगा ये काम

इस मौके पर दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने दिल्ली के राजकीय विद्यालयों में छठी से लेकर बारहवीं तक मैथिली भाषा को जल्द ही शैक्षिक भाषा के रूप में शुरू करने का भी एलान किया. विज्ञप्ति के अनुसार, प्रथम मिथिला लिटरेचर फेस्टिवल में देश-विदेश के मीडिया हाउस से जुड़े दो दर्जन पत्रकारों एवं साहित्यकारों ने अपने विचार रखे. उन्होंने मिथिला और मैथिली के विकास को लेकर अपने सुझाव और प्रस्ताव भी पेश किए. मैथिली-भोजपुरी अकादमी के उपाध्यक्ष नीरज पाठक ने कहा कि वह मैथिल पत्रकार ग्रुप के साथ हैं. उन्होंने मिथिला पर अध्ययन शुरू करने का प्रस्ताव दिया और कहा कि इसके लिए आईआईएमसी के साथ ही मैथिली-भोजपुरी अकादमी भी तैयार है. Also Read - IIMC एलुम्नाई मीट कनेक्शन्स में IFFCO ईमका अवार्ड्स 2020 के विजेताओं का ऐलान और सम्मान

IIMC के महानिदेशक के.जी. सुरेश ने कहा कि वह मैथिली की वेबसाइट, अखबार और यू-ट्यूब चैनल शुरू करने को लेकर शॉर्ट टर्म कोर्स भी शुरू करेंगे. इसके लिए वह मैथिल पत्रकार ग्रुप का भी परामर्श लेंगे. Also Read - आइजोल, रांची और कोलकाता में IIMC एलुम्नाई मीट कनेक्शन्स का आयोजन, स्कॉलरशिप और मेडिकल फंड पर जोर