नई दिल्ली: सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill ) पेश किया. इस विधेयक को बहुमत के साथ लोकसभा में पास करा लिया गया. नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा किया और विधेयक को गलत बताया. जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने लोकसभा में विधेयक का समर्थन किया. विधेयक के समर्थन को लेकर जदयू दो भागों में बट चुका है. एक धड़ा बिल के पक्ष में है, वहीं दूसरा इसके खिलाफ है. जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता पवन के वर्मा (Pavan K Varma) ने नागरिकता बिल से नाराजगी जताई है. यही नहीं पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने भी विधेयक को समर्थन देने को लेकर निराशा जाहिर की है.

पवन के वर्मा ने इस बारे में ट्वीट कर लिखा- मैं श्री नीतीश कुमार से राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को समर्थन पर पुनर्विचार करने का आग्रह कर रहा हूं. यह विधेयक जदयू के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ होने के अलावा असंवैधानिक, भेदभावपूर्ण, देश की एकता और सद्भाव के खिलाफ है. गांधी जी ने इसका कड़ा विरोध किया था.

गौरतलब है कि इससे पहले पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने भी ट्वीट कर अपनी निराशा जाहिर की थी. अपने ट्वीट में किशोर ने लिखा- जदयू के नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन देने से निराश हुआ हूं. इस विधेयक में धर्म के आधार पर नागरिकता देने की बात है जो कि भेदभावपूर्ण है. यह पार्टी के संविधान से मेल नहीं खाता. इसके पहले पन्ने पर तीन बार धर्मनिरपेक्ष शब्द आता है. पार्टी का सिद्धांत गांधीवादी है. गौरतलब है लोकसभा में विधेयक के समर्थन में जदयू सासंद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा था कि यह बिल धर्मनिरपक्षता के खिलाफ नहीं है.