नई दिल्ली: बिहार के खगड़िया से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण नवजात बच्चे का गला कट गया. बता दें कि इस घटना में मां और नवजात बच्चे दोनों की ही मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया और राष्ट्रीय राजमार्ग 107 को जाम कर दिया.Also Read - Bihar: करंट की चपेट में आने SSB के तीन जवानों की जान गई, 9 अन्य गंभीर रूप से घायल

मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीन ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और संबंधित अस्पताल को सील कर दिया. वहीं पीड़ित परिजनों के शिकायत के आधार पर थाने में FIR दर्ज कर लिया गया है. खबरों के मुताबिक पसराहा थानाक्षेत्र के महदीपुर के निवासी अमित कुमार की पत्नी चांदनी को 11 जनवरी को अस्पताल प्रसव के लिए भेजा गया था. लेकिन बच्चे के उल्टे होने के कारण महिला को टाटा इमरजेंसी अस्पताल में डिलीवरी के लिए भेज दिया गया. Also Read - Train Accident: पटना जंक्‍शन से 98 यात्री Bikaner-Guwahati Express में हुए थे सवार

टाटा इमरजेंसी अस्पताल में डिलीवरी के लिए पहुंची महिला के प्रसव के लिए सर्जरी कराने की बात कही गई. परिजनों के मुताबिक सर्जरी की रकम डॉक्टरों ने 1 लाख रुपये बताई. इसके बाद महिला को जब अचानक रात में प्रसव पीड़ा हुई तो रात में ही महिला के प्रसव का फैसला लिया गया और इस दौरान बच्चे का शरीर का नीचे का भाग बाहर आ गया लेकिन सिर बाहर नहीं आ पाया. इस कारण बच्चे के सिर को धड़ से काट दिया गया और बाद में महिला के पेट का ऑपरेशन कर बच्चे के सिर के बाहर निकाला गया. Also Read - Omicron in Bihar: पटना में मिला बिहार का पहला ओमीक्रोन पीड़ित, दिल्ली से पटना लौटा है युवक

परिजनों का कहना है कि लापरवाही के कारण बच्चे और मां की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने जमकर अस्पताल में हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ऐसे में सूचना पाकर मौके पर पहुंची गोगरी एसडीओ सुभाषचंद्र मंडल, सीओ रविन्द्रनाथ ने आक्रोशित भीड़ को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया.