पटना: बिहार के मुख्यमंत्री निवास का ”भूत” शुक्रवार को बिहार की राजनीति में एक बार फिर छा गया, जब लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने इसके बहाने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया. बता दें कि नीतीश कुमार ने हाल में मजाकिया लहजे में कहा था कि लालू प्रसाद मुख्यमंत्री निवास में एक भूत छोड़ गए थे. लालू प्रसाद और राबड़ी देवी यहां 15 साल तक रह चुके हैं. नीतीश के इस बयान पर शुक्रवार को पहले राबड़ी देवी और फिर लालू प्रसाद ने ट्वीट किया. राबड़ी देवी ने कहा कि वह तथाकथित भूत नीतीश कुमार ही हैं.

राबड़ी देवी ने ट्वीट किया, ”गरीबों के खेवनहार जब 2005 में सीएम आवास से निकले थे, तब उसमें एक भूत घुसा था. उन्होंने आगे लिखा,15 वर्ष बाद भी नीतीश जी आवास में सुबह-2 आइना देखते है तो उन्हें भूत ही नजर आता है.”

इससे पहले नीतीश कुमार ने नए साल के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि एक बार लालू प्रसाद ने उनसे मजाक में कहा था कि वह मुख्यमंत्री आवास में भूत छोड़कर आए हैं. इससे पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू पर आरोप लगाया था कि वह अंशविश्वास को मानते हैं.

इस बयान पर राबड़ी देवी की तीखी टिप्पणी के बाद लालू प्रसाद की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली. लालू प्रसाद ने राबड़ी देवी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, “इस बार जनता कसके वोट की झाड़-फूंक से इनके सारे भूत-प्रेत छुड़ा देगी.

लालू प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार असली मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं. उन्होंने लिखा, विकराल बेरोजगारी, महंगाई, ध्वस्त विधि व्यवस्था, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और घूसखोरी जैसे मुद्दों पर बात नहीं करके जनता को भ्रमित करने के लिए भुतही बातें की जा रही हैं.

बिहार में राजद के 15 साल के शासन का अंत होने पर 2005 में नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने. लालू प्रसाद 1990 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन चारा घोटाले के संबंध में जेल जाने के कारण उन्हें 1997 में पद छोड़ना पड़ा और उनकी पत्नी राज्य की मुख्यमंत्री बनीं. लालू प्रसाद को चारा घोटाले के संबंध में जेल की सजा सुनाई गई है.