पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आह्वान पर आज (रविवार 27 अगस्त) को पटना के गांधी मैदान में विपक्ष की एकजुटता में बड़ी रैली का आयोजन हो रहा है. लालू की ‘देश बचाओ, भाजपा भगाओ’ रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत देश की तमाम विपक्षी पार्टियां हिस्सा ले रही हैं. इस रैली के माध्यम से लालू और उनका परिवार केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे.

 रैली में शरद यादव भी लेंगे हिस्सा

इस रैली में जदयू से बागी हुए शरद यादव भी हिस्सा ले रहे हैं. इसके अलावा ममता बनर्जी, अखिलेश समेत कई दिग्गज लालू के साथ मंच साझा करते दिखेंगे. इस रैली में कांग्रेस तो हिस्सा ले रही है लेकिन सोनिया और राहुल गांधी इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं.

ये नेता नहीं होंगे शामिल
रैली के पूर्व ही भाजपा के विरोधी दलों के कई महत्वपूर्ण नेताओं के इसमें नहीं आने के ऐलान से विरोधी दलों की एकता की मुहिम को झटका लगा है. महागठबंधन तोड़कर नीतीश कुमार के भाजपा के साथ जा मिलने के बाद पटना में होने वाली राजद की इस रैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मायावती के नहीं आने से रैली का राजनीतिक रंग फीका होना तय माना जा रहा है.

कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद होंगे शामिल
कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और बिहार प्रभारी सीपी जोशी रैली में शरीक होंगे. इस रैली में मुलायम सिंह यादव भी नहीं आएंगे. सीपीएम के कोई नेता शिरकत नहीं करेंगे. यह भी पढ़ें: पटना में ‘बाहुबली’अवतार में दिखे तेजस्वी, लिखा ‘जिया हो लालू के लाल’

पार्टी समर्थकों के लिए पूरा इंतजाम

आरजेडी ने इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. पटना शहर रैली के रंग में रंगा नजर आ रहा है. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान तक जाने वाली सभी सड़कें पोस्टर और बैनर से पाट दिए गए हैं. यही नहीं पार्टी ने राज्य के तमाम हिस्सों से अपने कार्यकर्ताओं को पटना बुलाने के लिए अपने खर्च पर तीन रेलगाड़ियां भी बुक कराईं हैं.

आरजेडी के जो भी समर्थक पटना पहुंच रहे हैं उनके रहने और खाने पीने का इंतजाम पार्टी के 80 विधायक, सात पार्षद और तीन सांसदों के जिम्मे है. कार्यकर्ताओं के रहने के लिए बड़े-बड़े शामियाने लगाए गए हैं. भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है.

 7000 पुलिस जवान और 1000 मजिस्ट्रेट की तैनाती

सुरक्षा के लिहाज से इस रैली के लिए तकरीबन 7000 पुलिस के जवानों और 1000 मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है. प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए हैं.