Lalu Prasad Yadav: चारा घोटाला मामले में लंबी चली लड़ाई और कोर्ट-कचहरी के तमाम दांव पेंच के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव आखिरकार आज जेल से रिहा हो गए हैं. बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिलने के 12 दिन बाद लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर निकले हैं. चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव झारखंड के दुमका कोषागार में अवैध निकासी से जुड़े मामले में 19 मार्च 2018 से सजा काट रहे थे. आखिरकार इस मामले में जेल से उन्हें रिहाई मिल गई है जिससे राजद परिवार में खुशी की लहर है.Also Read - बिहार में जातिगत जनगणना का रास्ता साफ, भाजपा ने किया वादा-हम भी देंगे नीतीश का साथ, राजद भी करेगा सपोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने बीते 17 अप्रैल को लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में जमानत दे दी थी. जिसके बाद कोरोना के जारी नियमों के बाद अधिवक्ताओं के कार्य नहीं किए जाने के कारण लालू का बेल बॉन्ड नहीं भरा जा सका था. वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से आदेश जारी होने के बाद गुरुवार को लालू प्रसाद के पैरवीकार अधिवक्ता ने दो निजी मुचलके दाखिल किए. Also Read - बिहार की सियासत के बदलते रंग: आरसीपी-नीतीश में बढ़ी खटास, जदयू की पहचान हटाई, ऐसी नौबत क्यों आई?

कोर्ट ने दाखिल मुचलको को सही पाया और इसे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार के जेल अधीक्षक के पास भेज दिया गया. इसके साथ ही लालू को जेल से छोड़ने का आदेश भी दिया गया, जिसके बाद लालू को जेल से अब रिहाई मिल गई है. बता दें कि इस मामले में लालू प्रसाद यादव को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी और लालू रांची के होटवार जेल में सजायाफ्ता थे. तबियत बिगड़ने के बाद पहले उन्हें रांची के ही रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां तबियत में सुधार नहीं होने से उन्हें दिल्ली के एम्स में रेफर किया गया था. Also Read - Bharat Bandh: जातिगत जनगणना-महंगाई के खिलाफ आज भारत बंद का नहीं दिख रहा असर

बता दें कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद ने जमानत के लिए आधी सजा पूरी करने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी. लालू प्रसाद ने दावा किया था कि वह आधी सजा पूरी कर चुके हैं. वहीं सीबीआई का दावा था कि लालू प्रसाद की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है. इसके बाद हुई सुनवाई में लालू को जमानत मिल गई और आज वे जेल से बाहर आ गए हैं.