नई दिल्ली: लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में कथित घोटाले को लेकर विपक्ष का मोदी सरकार पर हमला जारी है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और चारा घोटाला के कई मामलों में सजा काट रहे लालू प्रसाद सोमवार को राफेल सौदे में कथित घपले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. लालू ने ट्वीट कर अपने अंदाज में लिखा, “जहजवा ही चुराकर खाने लग गए, वो भी लड़ाकू. गजबे बा. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का इंटरव्यू दुनिया के कई टीवी चैनलों पर प्रसारित होने के बाद राफेल सौदे को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों की तरफ से प्रतिदिन आरोप-प्रत्यारोप जारी है. भ्रष्टाचार के मामले में सजायाफ्ता लालू भी अब राफेल के मुद्दे पर सरकार को घेरने वालों में शामिल हो गए हैं. लालू ने इससे पहले भी ट्वीट कर राफेल मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. Also Read - मैं पार्टी में जाति, धर्म आधारित प्रकोष्ठ के पक्ष में नहीं हूं: नितिन गडकरी

लालू ने शुक्रवार को अपने ट्वीट में लिखा था, मित्रों, राफेल सौदे के घालमेल और तालमेल की सही जानकारी 125 करोड़ देशवासियों को मिलनी चाहिए कि नहीं? अगर पूंजीपति मिलनसार प्रधानमंत्री गुनाहगार व भागीदार नहीं है और ईमानदार चौकीदार है तो सच बताने में डर काहे का? सजा काट रहे लालू अपनी बीमारी के इलाज के क्रम में इन दिनों रांची के एक अस्पताल में भर्ती हैं.

वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव ने लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग की है. यादव ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद द्वारा इस सौदे में गड़बड़ी होने का खुलासा किये जाने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बारे में अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है. उन्होंने कहा कि इस सौदे में पारदर्शिता के अभाव को देखते हुये देश की जनता के मन में इस सौदे को लेकर संशय और भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है. इसलिये इस मामले की जांच जेपीसी से कराना अनिवार्य है.

आम आदमी पार्टी ने भी राफेल लड़ाकू विमान की खरीद मामले में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे पर संसद में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए राफेल सौदे में 36 हजार करोड़ रुपये का घोटाला होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा 19 मार्च को भामरे ने राज्यसभा में बताया कि विमान की बिना उपकरणों के कीमत 1670 करोड़ रुपये है, जबकि लोकसभा में तमाम सदस्यों के इसी सवाल के जवाब में भामरे ने 18 नवंबर 2016 को बताया था कि विमान की उपकरणों के साथ कीमत 670 करोड़ रुपये है. सिंह ने रक्षा राज्य मंत्री भांबरे पर संसद में गलत तथ्य बताने का आरोप लगाते हुये दावा किया कि राफेल मामले में 36 हजार करोड़ रुपये की गड़बड़ी होने के कारण मंत्री भामरे ने संसद में गलत तथ्य पेश किए.