Bihar Assembly Election 2020: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय के बारे में खबर है कि वो जल्द ही जदयू का दामन थामने वाले हैं और परसा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का एलान करने वाले हैं.परसा विधानसभा क्षेत्र में कभी चंद्रिका राय के पिता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय चुनावी अखाड़े में दांव आजमाते थे.उन दिनों भी यह सीट वीआईपी हुआ करती थी. Also Read - बड़ा ऐलान: बिहार विधानसभा चुनाव में RJD का समर्थन करेगी समाजवादी पार्टी, किसी गठबंधन में नहीं होगी शामिल

अब चंद्रिका राय परसा से लालू को चुनौती देंगे. बता दें कि चंद्रिका राय लालू के समधी बनने से पहले उनकी पार्टी, राजद में कद्दावर माने जाते थे. शादी के बाद हालात बदले और अपनी बेटी की लालू के बेटे से शादी रचाई तो समधी बने पर बेटी-दामाद के बाद फिर ऐसी बिगड़ी कि अब सियासत में भी उनकी खिलाफत करेंगे. Also Read - PM Modi On Farm Bills: PM मोदी ने संसद से पास हुए कृषि बिल को समय की जरूरत बताया- MSP को लेकर किसानों को दिया यह भरोसा...

लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव की शादी चंद्रिका राय की पुत्री ऐश्वर्या राय से मई 1918 में हुई थी और शादी के पांच महीने के बाद ही नवंबर में तेजप्रताप ने ऐश्वर्या से तलाक लेने की ठान ली और कोर्ट में तलाक की अर्जी डाल दी. उसके बाद रिश्ते बिगड़ते गए और ऐश्वर्या ने भी तेजप्रताप, सास राबड़ी देवी और मीसा भारती के खिलाफ प्रताड़ना का केस दायर किया. Also Read - बिहार में पोस्टर वार: 'एक ऐसा परिवार जो बिहार पर भार' लालू 'सजायाफ्ता कैदी नंबर 3351'

काफी विवाद के बाद पिछले साल 16 दिसंबर को ऐश्वर्या राबड़ी देवी के आवास से अपने मायके आ गयी. इस वाकये के बाद चंद्रिका राय की लालू प्रसाद से ही नहीं राजद से भी दूरी बढ़ गयी और उन्होंने भी लालू परिवार पर बेटी को सताने का आरोप लगाया और राबड़ी देवी के बारे में बुरा-भला कहा.

वे फिलहाल राजद के ही परसा के ही विधायक हैं, लेकिन पार्टी की हर गतिविधि से दूर रहते हैं. उनके सियासी प्रतिद्वंद्वी छोटेलाल राय ने जदयू से नाता तोड़ हाल ही में राजद की सदस्यता ग्रहण कर ली है तो चंद्रिका राय के बड़े भाई विधानचंद राय की पुत्री डॉक्टर करिश्मा राय ने भी राजद की सदस्यता ग्रहण की है.

चंद्रिका राय ने परसेा विधानसभा से ही पिता का सियासी किला संभाला. प्रारंभ में तो वह अपने पिता दारोगा राय की तरह कांग्रेस की टिकट पर 1985 में विधायक बने, लेकिन 1990 में वे लालू प्रसाद के जनता दल में शामिल हो गए और 2005 व 2010 के चुनाव में चंद्रिका राय को जदयू के छोटेलाल राय ने हरा दिया पर 2015 में चंद्रिका राय फिर जीत गए.