रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को चारा घोटाला मामले में जेल में बंद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) की जमानत याचिका पर सुनवाई की और इसे 5 फरवरी तक के लिए टाल दिया. अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो को समय दिया, जो कई चारा घोटाला मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल गए थे. सुप्रीम कोर्ट के वकील और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल लालू प्रसाद के लिए पेश हुए.Also Read - India Post Bihar GDS Result 2021: भारतीय डाक ने बिहार जीडीएस परीक्षा का परिणाम जारी किया, चेक करें

राष्ट्रीय जनता दल के नेता के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल ने जेल की आधी सजा पूरी कर ली है और इसलिए उन्हें मामले में जमानत दी जानी चाहिए. वकील ने कहा कि लालू प्रसाद 42 महीने और 23 दिनों से जेल में रहे, जो तत्काल मामले में उन्हें दी गई सात साल की जेल की अवधि का आधा है. लालू प्रसाद को चारा घोटाले के तीन मामलों में जमानत मिल गई है. वह दुमका कोषागार से फर्जी निकासी के मामले में जेल में है. Also Read - Bihar Police Fireman 2021 : 2380 पदों के लिये CSBC फायरमैन परीक्षा की तारीख जारी, यहां देखें नोटिस

बता दें कि 73 वर्षीय लालू यादव की इन दिनों तबियत काफी बिगड़ी हुई है जिसके चलते पिछले सप्ताह उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था. लालू यादव को न्यूमोनिया की शिकायत थी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी जिसके बाद उन्हें चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली लाया गया था. Also Read - बिहार: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 और प्राइवेट में 300 सीटें बढ़ीं, कब से होगा लागू, जानें

बता दें कि चारा घोटाले के आरोप में लालू यादव को 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. वह पिछले 29 महीनों से रिम्स के पेइंग वार्ड में रह रहे हैं. पिछले साल 5 अगस्त को कोविड-19 संक्रमण की आशंका के कारण उन्हें रिम्स निदेशक के बंगले में स्थानांतरित कर दिया गया था.