नई दिल्ली. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव परिणाम से पहले संकट से जूझ रही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. विधानसभा चुनाव के बीच जहां केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा ने बागी तेवर दिखाते हुए राजग से अपने संबंध तोड़ लिए, वहीं अब गठबंधन के प्रमुख सहयोगी लोजपा ने अपनी ‘बेचैनी’ जाहिर कर दी है. लोजपा सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मंगलवार को एक के बाद एक किए अपने ट्वीट में राजग गठबंधन को सीटों के बंटवारे को लेकर चेतावनी दी. चिराग ने अपने ट्वीट्स के जरिए आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर सम्मानजनक समझौता करने की मांग रखी. साथ ही यह चेतावनी दी कि टीडीएस और रालोसपा के जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. चिराग ने यह भी कहा कि भाजपा से अगर समय रहते सीट बंटवारे पर बात नहीं बनी तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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बता दें कि चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान को चुनावों के समय दल बदलने और हवा का रुख भांपते हुए गठबंधन चुनने के लिए जाना जाता है. रामविलास पासवान की इस सियासत को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो उन्हें अपनी जनसभाओं में ‘मौसम विज्ञानी’ कहकर संबोधित करते थे. मंगलवार को रामविलास के सांसद बेटे चिराग पासवान के ट्वीट को देखते हुए, सियासी जानकार ऐसे ही कयास लगा रहे हैं. चिराग पासवान के बयान से यह साफ जाहिर हो गया है कि बिहार राजग में लोकसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे के मुद्दे पर सब कुछ ठीक नहीं है. खासकर उपेंद्र कुशवाहा के राजग छोड़ने के बाद लोजपा की तरफ से आया यह बयान, आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है.

चिराग पासवान ने अपने ट्वीट में साफ तौर पर भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी दी है कि सीट बंटवारे को लेकर उनकी पार्टी संतुष्ट नहीं है. इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला हो जाना चाहिए. चिराग ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘टीडीपी व रालोसपा के एनडीए गठबंधन से जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाज़ुक मोड़ से गुज़र रहा है. ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे.’ बिहार के जमुई से सांसद चिराग पासवान ने सीट बंटवारे को लेकर भी अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है, ‘गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मुलाक़ात हुई, परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है. इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुक़सान भी हो सकता है.’