Bihar News: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष पद से जबरन हटाए गए चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने आज शनिवार को कुछ देर पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker OM Birla) से मुलाकात की. उन्होंने अपनी चिंताओं के बारे में स्पीकर को अवगत कराया. मुलाकात के बाद चिराग ने मीडिया को बताया- आज मैंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से दिल्ली में मुलाकात की. उनसे सदन में मेरे चाचा पशुपति कुमार पारस (Pasupati Kumar Paras) को लोक जनशक्ति पार्टी का नेता चुने जाने पर उनके द्वारा लिए गए निर्णय के संदर्भ में बातचीत की.Also Read - Chirag Paswan ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र, बोले- चाचा नहीं मुझे बनाइए संसदीय दल का नेता

उन्होंने कहा कि मैंने स्पीकर को सभी तथ्यों से अवगत करा दिया है. उनसे निलंबित सांसद को एलजेपी नेता के रूप में स्वीकार करने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की है. जिसपर उन्होंने नए तथ्यों के संदर्भ में अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आश्वासन दिया है. Also Read - Video: बिहार में मस्जिद के पास मदरसे में बम विस्फोट, सड़क के दूसरी तरफ जा गिरा इमारत का हिस्सा

चिराग ने आगे कहा कि यह गैरकानूनी है. यह गलत है. हमारी पार्टी का संविधान इस बात की इजाजत नहीं देता है. लोक जनशक्ति पार्टी के संविधान के अनुसार सदन और विधानसभा में निर्वाचन हमारी संसदीय बोर्ड के द्वारा स्वीकृत होता है. मैंने लोकसभा अध्यक्ष से इसकी समीक्षा करने के लिए कहा है. अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद चिराग इन दिनों खुद के राजनीतिक करियर बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं. Also Read - Bihar News: बिहार की जनता को मिल सकती है ये खास सुविधा, CM नीतीश के आदेश के बाद चंद दिनों में होंगे जनता के काम

एलजेपी इन दिनों दो धड़ों में बंटी हुई नजर आ रही है. एक धड़ा चाचा पशुपति पारस का समर्थक है जबकि दूसरी धड़ा चिराग पासवान के साथ बना हुआ है. हालांकि पार्टी सांसदों में चिराग अकेले पड़ गए हैं, चार सांसदों ने पशुपति पारस के पार्टी का नेतृत्व करने का समर्थन किया है. इसी संबंध में बीते गुरुवार को पटना में हुई पार्टी नेताओं की एक बैठक के बाद पशुपति पारस को पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया था.

अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी के सभी नेताओं का आभार जताते हुए पारस ने कहा कि हमें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का मौका मिला है, कोशिश होगी कि पार्टी को आगे बढाएं और रामविलास पासवान के सपने को पूरा करेंगे. इससे पहले वे संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष भी बने थे. चिराग ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात में अपनी इन्हीं चिंताओं को अवगत कराया है.

पार्टी के नए समीकरण में पार्टी के कुल छह सांसदों में पांच सांसदों ने अलग गुट बना लिया. इसके जवाब में चिराग पासवान ने पांचों सांसदों पशुपति पारस, महबूब अली कैसर, बीणा देवी चंदन सिंह और प्रिंस राज को पार्टी से बाहर निकाल दिया.