Bihar Assembly Election 2020: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले जारी सियासी सरगर्मी के बीच लोजपा (LJP) को फिर एक बड़ा झटका लगा है. लोजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और भोजपुर से चार बार पार्टी के विधायक रह चुके सुनील पांडेय (MLA Sunil Pandey) ने पार्टी को बाय-बाय कह दिया है. सुनील पांडेय का पार्टी छोड़ना चिराग पासवान (Chirag Paswan) के लिए एक बड़ा झटका है. Also Read - पिता को याद कर भावुक हुए चिराग पासवान ने कहा- मरते दम तक रहूंगा नरेंद्र मोदी के साथ

इस वजह से सुनील पांडेय ने दिया इस्तीफा…. Also Read - बिहार में पीएम मोदी की रैली में दिखे कई रंग, सबसे अहम-दो गज की दूरी अभी है जरूरी

सुनील पांडेय के लोजपा छोड़ने के पीछे की वजह ये बतायी जा रही है कि वो इस बार तरारी से लोजपा के टिकट पर मैदान में आना चाहते थे, लेकिन एनडीए में यह सीट बीजेपी के खाते में चली गई. इसके बाद से ही सुनील पांडेय के इस इलाके से निर्दलीय चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे. इसके बाद सुनील पांडेय ने लोजपा से इस्तीफा देकर इस कयासबाजी पर अपनी मुहर लगा दी है. Also Read - Bihar: नवादा से एनडीए पर डबल अटैक, राहुल गांधी ने पीएम तो तेजस्वी ने सीएम को ललकारा, VIDEO

निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव

बुधवार को सुनील पांडेय ने लोजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद से इलाके में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है. माना जा रहा है कि सुनील कुमार सुनील पांडेय तरारी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे. बता दें कि भोजपुर की तरारी सीट पर फिलहाल लेफ्ट पार्टी का कब्जा है और सीपीआई एमएल के सुदामा प्रसाद सीट से पार्टी के विधायक हैं. पिछले चुनाव में सुनील पांडेय की पत्नी गीता पांडेय इस सीट से चुनाव हार गई थीं.

आज नामांकन करेंगे सुनील पांडेय

पांडेय के समर्थकों ने बताया कि वो आज यानी बुधवार को ही तरारी सीट से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन करेंगे. बिहार में पहले फेज के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख कल ही है. सुनील पांडेय की छवि दबंग और बाहुबली वाली रही है. सुनील पांडेय चार बार विधायक रह चुके हैं. वो पहले जेडीयू में थे. पिछले चुनाव में तरारी में वो लड़ाई काफी कम अंतर से हारे थे.

तरारी में भाजपा के लिए होगी मुश्किल

सुनील पांडेय के ही छोटे भाई हुलास पांडेय भी फिलहाल लोजपा में हैं और वो पूर्व एमएलसी हैं. वे बक्सर जिले की ब्रह्मपुर सीट से लोजपा के प्रबल दावेदार भी हैं. तरारी से निर्दलीय चुनावी ताल ठोक कर सुनील पांडेय ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस सीट से पहली बार पार्टी ने कौशल विद्यार्थी को चुनावी मैदान में उतारा है.