नई दिल्ली: एनडीए के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान के बयान के बाद बुधवार को एलजेपी ने उत्तर प्रदेश और झारखंड में सीटों की मांग कर दी है. एलजेपी के सीनियर नेता पशुपति पारस ने मांग की है कि जितनी सीटें पार्टी को 2014 के चुनाव में मिली थीं उनती ही सीटें 2019 के चुनाव में भी दी जाएं. इतना ही नहीं एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने झारखंड और यूपी में भी सीटों की मांग कर दी है. Also Read - CoronaVirus ने ले ली कांग्रेस नेता अहमद पटेल की जान, पीएम ने जताया दुख, सोनिया-राहुल गांधी ने कही ये बात...

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उन्होंने कहा कि हम अपना हक मांग रहे हैं. हम एनडीए के ईमानदार पार्टनर हैं. हमने 2014 में जितनी सीटों पर चुनाव लड़ा था उतनी ही सीटें मांग रहे हैं. उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी हमारा वोटबैंक है इसलिए हम इन राज्यों में भी सीटों की मांग करते हैं. समय बहुत कम है हम चाहते हैं कि सीटों के बंटवारे पर अमित शाह 31 दिसंबर तक फैसला करें. पशुपति पारस ने एएनआई से कहा कि हम चाहते हैं कि गठबंधन धर्म का पालन करें. लोकसभा में 6 सीटों के साथ एलजेपी बीजेपी की महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है.

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इससे पहले लोजपा ने मंगलवार को कहा कि तेलुगूदेशम पार्टी व रालोसपा के राजग से अलग हो जाने के बाद यह गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है, ऐसे समय में भाजपा गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे. पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह की अध्यक्षता वाली रालोसपा के पिछले दिनों राजग से बाहर निकलने के बाद बिहार में भाजपा नेतृत्व वाले इस गठबंधन में अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और लोजपा बची हैं.

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लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा ‘टीडीपी और रालोसपा के राजग गठबंधन से जाने के बाद यह नाजुक मोड़ से गुजर रहा है. ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीके से दूर करे. उल्लेखनीय है कि पांच राज्यों के आए चुनाव परिणाम पर भाजपा को परोक्ष रूप से नसीहत देते हुए गत 13 दिसंबर को चिराग ने कहा था कि राजग का एजेंडा हमेशा विकास रहा है पर इस पर राम मंदिर, हनुमान को लेकर विवादित बयान के हावी होने पर जनता भी कहीं न कहीं इससे दिग्भ्रमित होती है और निराश होती है क्योंकि वे आपसे इस तरह की उम्मीद नहीं करते.

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उन्होंने कहा था कि गलती से जो चोट (पांच राज्यों के आए चुनाव परिणाम से) लगी है, वो आने वाले लोकसभा चुनाव में हमें और सतर्क करेगी. लोजपा जो कि पहले कांग्रेस की अगुआई वाले संप्रग में थी, 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले राजग में शामिल हो गई थी और उसने बिहार में सात सीटों में से छह सीटों पर जीत हासिल की थी. पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान को मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया. पिछले साल नीतीश के राजग में शामिल होने पर लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली टीडीपी तेलंगाना के अलग होने के बाद आंध्र प्रदेश को विशेष सहायता नहीं मिलने पर राजग से अलग हो गई थी.