नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बिहार का राजनीतिक समीकरण बदलने जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, लोकतंत्रिक जनता दल के सलाहकार शरद यादव और एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टियों के संभावित विलय की बातचीत कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर बगावती सुर के चलते निलंबित किए गए सांसद कीर्ति आजाद के कांग्रेस में जाने की संभावना जोरों पर है. कांग्रेस की ओर से उन्‍हें पार्टी में शामिल करने के लिए बातचीत का क्रम लगातार चल रहा है. बता दें कि कीर्ति आजाद की पत्‍नी पूनम पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं.

बता दें कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए में सहयोगियों के बीच सीट साझा करने की वार्ता को अंतिम रूप देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ 30 नवंबर को बैठक करने की समयसीमा तय की है. एक सूत्र ने बताया कि कुशवाहा विपक्षी दल के खेमे में शरद यादव के साथ भी लगातार बातचीत कर रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि जल्‍द ही लोकतंत्रिक जनता दल (एलजेडी) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के विलय की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सकता है. बता दें कि कुशवाहा ने बीजेपी और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू के साथ अपने संबंधों के बदले इस महीने की शुरुआत में शरद यादव के साथ दिल्ली में उनके निवास स्थान पर बैठक की थी.

चिराग ने BJP से चुनाव में सीटों के बटवारें की घोषणा करने को कहा, कुशवाहा की आलोचना

शरद यादव और कुशवाह में ये चीजें हैं एक समान
बता दें कि शरद यादव और उपेंद्र कुशवाहा में कई चीजें एक समान हैं. ये दोनों नेता नीतीश कुमार का विरोध कर रहे हैं. साथ ही ये आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई, एचएएम इत्यादि के साथ मिलकर बिहार में विपक्षी दल की स्थि‍ति को मजबूत करने की सोच रहे हैं.

कीर्ति आजाद के कांग्रेस में जाने की संभावना
उधर, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दिल्‍ली प्रभारी पीसी चाको और पीसीसी प्रमुख अजय माकन ने पूर्व में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे व निलंबित बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद के साथ बातचीत की थी. इस दौरान कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में शामिल करने की पेशकश की थी और उन्हें दिल्ली की लोकसभा सीटों में से किसी एक से चुनाव लड़ने का ऑफर भी दिया था, लेकिन कीर्ति आज़ाद की पहली प्राथमिकता दरभंगा है, जहां से वह वर्तमान में सांसद हैं. कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन के अनुसार, यह सीट आरजेडी के कोटे में पड़ती है, जहां से तीन बार पराजित एमएए फतमी के फिर से चुनाव लड़ने की संभावना है.

भाजपा सरकार पिछड़ों-अति पिछड़ों के खिलाफ राजनीति कर रही: कांग्रेस

बीजेपी से निलंबित किए गए हैं कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद ने मुताबिक, जब से उन्‍होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था (उसने डीडीसीए में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा था) तब से उन्‍हें बीजेपी ने निलंबित कर दिया था, कई लोगों ने उनसे अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए संपर्क किया है. लेकिन उन्‍हें इस विषय पर अभी अंतिम फैसला लेना है. इस दौरान उन्होंने बीजेपी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया.