नई दिल्ली. कभी देश के सबसे गंदे रेलवे स्टेशनों में शुमार बिहार के मधुबनी रेलवे स्टेशन को देश के दूसरे सबसे खूबसूरत स्टेशन का दर्जा मिला है. भारतीय रेलवे की स्टेशन सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में पूर्व मध्य रेलवे के मधुबनी स्टेशन ने दक्षिणी रेलवे के मदुरै स्टेशन के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है. मध्य रेलवे के प्रमुख प्रवक्ता सुनील उदासी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रहने का गौरव हासिल किया महाराष्ट्र के पश्चिम रेलवे के चंद्रपुर और बल्हारशाह स्टेशनों ने. पश्चिमी रेलवे के गांधीधाम (गुजरात) और पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा (राजस्थान) स्टेशनों को इस प्रतियोगिता में तीसरा पुरस्कार मिला है. प्रथम पुरस्कार विजेता को 10 लाख रुपए, दूसरे को 5 लाख रुपए और तीसरे को तीन लाख रुपए दिए गए हैं. यहां यह बात गौरतलब है कि प्रतियोगिता में पहले तीन स्थानों पर रहे सभी स्टेशनों को लोककला के प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है. आप इन स्टेशनों पर बनाई गई तस्वीरों को देखकर इलाके की संस्कृति से रूबरू हो सकते हैं. Also Read - Driving License Latest Update: अब चुटकियों में बन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस, बदल गए हैं नियम, जानिए

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मधुबनी रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण को लेकर पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर डिविजन ने एक वीडियो बनाया है. (साभारः यूट्यूब) Also Read - Bihar Latest News: मुंगेर जिले के एक स्‍कूल में कोरोना वायरस संक्रमण फैला, 22 छात्र और 3 शिक्षक Covid-19 से पॉजिटिव

Madurai

दक्षिणी रेलवे के मदुरै स्टेशन ने खूबसूरती में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है.

दक्षिणी रेलवे के मदुरै स्टेशन ने खूबसूरती में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है.

 

लोक कलाकारों की मेहनत से महज 10 दिन में चमका मधुबनी
मधुबनी स्टेशन को देश के खूबसूरत स्टेशनों में से एक बनाने का श्रेय मिथिला पेंटिंग से जुड़े कलाकारों का है. दर्जनों की संख्या में महिला-पुरुष कलाकारों ने दिन-रात की मेहनत से आज मिथिला क्षेत्र के इस प्रमुख स्टेशन को यह गौरव दिया है. लेकिन इस काम के लिए इन कलाकारों ने महीनों या हफ्ते नहीं लगाए, बल्कि महज 10 दिनों के अंदर अपनी कला से मधुबनी स्टेशन को सफलता के शीर्ष पर पहुंचा दिया. अपनी मेहनत के लिए इन कलाकारों ने रेलवे से एक रुपया भी नहीं लिया. मात्र कला की प्रसिद्धि और मिथिला के इस स्टेशन को देश के नक्शे पर सम्मान दिलाने के लिए इन कलाकारों ने श्रमदान दिया. बता दें कि 2015-16 में सफाई और स्वच्छता को लेकर मधुबनी को देश के सबसे गंदे स्टेशन का दर्जा दिया गया था. लेकिन स्थानीय कला की बदौलत आज यह स्टेशन देशस्तर पर सराहना पा रहा है.

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पश्चिमी रेलवे के अधीन महाराष्ट्र के बल्हारशाह रेलवे स्टेशन को देश के सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन का दर्जा दिया गया है. इस स्टेशन पर वन्य प्राणियों पर आधारित की गई चित्रकारी यहां आने वाले पर्यटकों का ध्यान खींचती है. दीवालों, सीढ़ियों सहित पूरे स्टेशन परिसर पर की गई पेंटिंग्स की पूरे देश में सराहना हो रही है.

पश्चिमी रेलवे के अधीन महाराष्ट्र के बल्हारशाह रेलवे स्टेशन को देश के सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन का दर्जा दिया गया है. इस स्टेशन पर वन्य प्राणियों पर आधारित की गई चित्रकारी यहां आने वाले पर्यटकों का ध्यान खींचती है. दीवालों, सीढ़ियों सहित पूरे स्टेशन परिसर पर की गई पेंटिंग्स की पूरे देश में सराहना हो रही है.

 

मिथिला पेंटिंग के इतिहास से जुड़ा है मधुबनी
बिहार के उत्तरी हिस्से में पड़ोसी देश नेपाल से सटे सीमावर्ती जिले मधुबनी का नाम मिथिला पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध रहा है. यहां की चित्रकला सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक में जानी जाती है. यहां तक कि आज समूचे संसार में मिथिला चित्रकला को मधुबनी पेंटिंग्स के नाम से ही जाना जाता है. नेपाल के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध इस जिले के घर-घर में चित्रकारी की समृद्ध परंपरा बसती है. मधुबनी पेंटिंग को मिथिला क्षेत्र में ‘अरिपन’ (अल्पना या रंगोली) के नाम से जाना जाता है. पर्व-त्योहार या शादी-विवाह के मौकों पर घरों में रस्मी तौर पर ‘अरिपन’ बनाने की यही परंपरा बाद में चलकर मिथिला पेंटिंग के नाम से प्रसिद्ध हुई.

 

तीसरे स्थान पर गांधीधाम और कोटा रेलवे स्टेशन

Gandhidham

भारतीय रेलवे की स्टेशन सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर है पश्चिमी रेलवे का गुजरात का गांधीधाम रेलवे स्टेशन और पश्चिम मध्य रेलवे का कोटा स्टेशन. गांधीधाम में जहां गुजरात की लोक संस्कृति के चित्र स्टेशन की दीवारों पर उकेरे गए हैं, वहीं कोटा रेलवे स्टेशन पर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति के चित्र पर्यटकों का ध्यान खींचते हैं.

भारतीय रेलवे की स्टेशन सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर है पश्चिमी रेलवे का गुजरात का गांधीधाम रेलवे स्टेशन और पश्चिम मध्य रेलवे का कोटा स्टेशन. गांधीधाम में जहां गुजरात की लोक संस्कृति के चित्र स्टेशन की दीवारों पर उकेरे गए हैं, वहीं कोटा रेलवे स्टेशन पर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति के चित्र पर्यटकों का ध्यान खींचते हैं.