रोहतास. मॉब-लिंचिंग का सिलसिला थम ही नहीं रहा है. बीते दिनों बिहार के रोहतास जिले दो भू-वैज्ञानिक इसकी चपेट में आ गए और उनकी जान जाते-जाते बची. दरअसल, ये बंगाल और मणिपुर से आए ये दोनों वैज्ञानिक बिहार के रोहतास जिले में स्थित कैमूर की पहाड़ियों के बीच बसे चफला गांव खनिजों की खोज करने पहुंचे थे. इसी दौरान बकरी चरा रहे एक बच्चे को वैज्ञानिक ने मानवता के नाते केला और सेब खाने को दिया. बच्चे ने यह बात गांव वालों को बताई तो ग्रामीण इन दोनों वैज्ञानिकों को बच्चा चोर समझ बैठे और जमकर इनकी पिटाई कर दी. मॉब-लिंचिंग में फंसे वैज्ञानिकों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और पास के पुलिस स्टेशन पहुंचे. घटना के बाद भू-वैज्ञानिक आरएल रोहतांग ने नौहट्टा थाने में 100 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई.

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यह था मामला
कैमूर जिले के नौहट्टा थाने से करीब दो किलोमीटर दूर चफला गांव है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, मणिपुर के वैज्ञानिक आर.एल. रोहतांग और इसी विभाग के कोलकाता कार्यालय के विशेषज्ञ मनीष कुमार चफला गांव में खनिज पदार्थों की खोज के लिए सर्वे करने पहुंचे थे. उन्होंने अपनी जीप पास ही में स्थित पुल के पास खड़ी कर दी थी. स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार को जब ये दोनों वैज्ञानिक अपने काम में जुटे थे, उसी समय बारिश होने लगी. इस कारण दोनों पास ही के एक पेड़ के नीचे चले गए. इस दौरान वहां पर कुछ बच्चे भी बकरियां चरा रहे थे. बारिश से बचने के लिए ये बच्चे भी पेड़ के पास पहुंचे. बच्चों को देखकर वैज्ञानिकों ने बच्चों को केला और सेब खाने के लिए दे दिया.

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सेब और केला लेने के बाद बच्चे गांव पहुंचे और ग्रामीणों को इस बारे में बताया. बच्चों की बात सुनकर ग्रामीण तुरंत उस जगह पर पहुंचे, जहां ये दोनों वैज्ञानिक सर्वे कर रहे थे. ग्रामीणों ने दोनों वैज्ञानिकों को बच्चा चोर या आंख निकालने वाला समझकर उनकी पिटाई शुरू कर दी. ग्रामीणों की भीड़ के अचानक हमलावर होने की वजह वैज्ञानिकों को जब तक समझ में आती, तब तक तो दोनों की जबर्दस्त पिटाई हो चुकी थी. भीड़ ने उनकी जीप को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया. इसी बीच शोर-शराबा सुनकर कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और दोनों वैज्ञानिकों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया. इसके बाद दोनों पुलिस स्टेशन पहुंचे.

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अज्ञात लोगों के खिलाफ की रिपोर्ट
मणिपुर और कोलकाता से आए दोनों वैज्ञानिकों की पूरी बात सुनने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया. इसके बाद आरएल रोहतांग के बयान के आधार पर 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली. स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों वैज्ञानिकों ने चफला गांव में सर्वे करने को लेकर स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं दी थी. इसलिए जब घटना हुई, तो तत्काल उन्हें सुरक्षा नहीं मिल सकी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर दोषी ग्रामीणों की तलाश की जा रही है.