मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका आश्रय गृह यौन शोषण मामले की जांच में जुटी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सिकंदरपुर स्थित एक श्मशान घाट की खुदाई के बाद एक कंकाल बरामद किया है. इस कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. सीबीआई सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सीबीआई की टीम ने अन्य स्थानीय विभागों की मदद से बुधवार को सिकंदरपुर स्थित श्मशान घाट की खुदाई करवाई. चार घंटे चले इस अभियान में जमीन के अंदर से एक कंकाल बरामद किया गया, जिसे बाद में जांच के लिए भेज दिया गया. बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के अध्ययन के बाद इसी साल मई के आखिरी सप्ताह में बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले का खुलासा हुआ था. TISS ने अपने अध्ययन में पाया था कि बिहार के मुजफ्फरपुर समेत लगभग सभी जिलों के बालिका गृहों में लड़कियों के पुनर्वास के सही इंतजाम नहीं हैं. इन आश्रय गृहों में लड़कियों को जहां बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं, वहीं इन जगहों पर लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं होने के मामले भी सामने आए थे. इस खुलासे से बिहार में सियासी माहौल गर्मा गया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.

सूत्रों का दावा है कि इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के एक चालक से पूछताछ के बाद सीबीआई को यह अहम सुराग हाथ लगे थे. कहा जा रहा है कि सीबीआई की टीम जल्द ही जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर को रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ कर सकती है. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में रह रही लड़कियों में से एक बच्ची ने आरोप लगाया था कि वहां के कर्मचारियों द्वारा उनके साथ रह रही एक लड़की की हत्या कर उसे बालिका गृह के परिसर में ही दफना दिया गया था. इस आरोप के बाद पुलिस ने पिछले दिनों परिसर में भी खुदाई कराई थी लेकिन कोई ऐसी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. बता दें कि गुरुवार को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि श्मशान घाट की खुदाई से 15 वर्षीय लड़की का कंकाल बरामद हुआ है. शेल्टर होम केस में कंकाल की बरामदगी से आरोपी ब्रजेश ठाकुर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

गौरतलब है कि मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा राज्य सरकार को सौंपी गई सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट के आधार पर इस मामले का खुलासा हुआ था कि समाज कल्याण विभाग के मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण हो रहा है. इसके बाद यहां की लड़कियों की चिकित्सकीय जांच के बाद 34 लड़कियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर जांच प्रारंभ कर दी थी. इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. अब तक इस मामले में 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में राज्य के सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफा भी देना पड़ा है. आरोप है कि मंत्री रही वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का ब्रजेश के साथ घनिष्ठ संबंध है.

(इनपुट – एजेंसी)