नई दिल्ली. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड (Muzaffarpur shelter home case) की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को इस मामले को लेकर बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने बिहार सरकार में मंत्री रहीं मंजू वर्मा को पद से हटाने में देरी और उनकी गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर सख्त नाराजगी जताई है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की जेल बदलने का भी आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 34 लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी ब्रजेश ठाकुर (Brijesh Thakur) को पंजाब के पटियाला स्थित हाई-सिक्योरिटी जेल भेजने का आदेश दिया है. इसके अलावा अदालत ने 20 सितंबर के बाद से इस मामले की जांच कर रहे सीबीआई अफसरों की पूरी लिस्ट भी मांगी है. कोर्ट ने कहा कि 31 अक्टूबर तक इन अधिकारियों की लिस्ट पेश की जाए.

मंजू वर्मा की गिरफ्तारी न होने पर सख्ती
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की सोशल ऑडिट रिपोर्ट के बाद मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न कांड का खुलासा हुआ था. पिछले कई महीनों से सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है. मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को पद से हटाने में हुई देरी को लेकर सवाल उठाया. कोर्ट ने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता, यह जानते हुए भी मंत्री मंजू वर्मा को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. यह कानून के साथ खिलवाड़ है. पूरा मामला ही संदिग्ध लगता है.’ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. यह तो अति हो गई.’ कोर्ट ने शेल्टर होम कांड की सुनवाई करते हुए इस मामले की जांच कर रही सीबीआई के जांच अधिकारियों की टीम की लिस्ट भी मांगी है. 20 सितंबर के बाद से लेकर अब तक इस मामले की जांच में जो भी अधिकारी तैनात हैं, कोर्ट ने उन सभी के नामों की सूची मांगी है.