पटना. बिहार में मधुबनी जिले के लौकही के एक गांव में सोमवार को आसमान से गिरे 13 किलोग्राम वजन के रहस्यमय पत्थर (उल्कापिंड) को बुधवार को पटना लाया गया. इसमें चुंबकीय गुण है और लोहे को यह अपनी ओर आकर्षित करता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पत्थर को देखने के बाद कहा कि इसे बिहार संग्रहालय में रखा जाएगा, जिससे आम लोग भी देख सकेंगे. यह रहस्यमय पत्थर सोमवार को मधुबनी जिले के महादेवा गांव में एक खेत में गिरा था. इस पत्थर का वजन करीब 13 किलोग्राम है. गांव के लोगों का दावा है कि यह आसमान से गिरा है. जब यह पत्थर गिरा था तब बहुत तेज आवाज हुई थी.

इसके बाद कुछ लोगों ने उक्त पत्थर को निकट के ही एक पीपल वृक्ष के नीचे रखकर पूजा अर्चना शुरू कर दी थी. बाद में इसे पुलिस ने जब्त कर लिया. इस पत्थर में चुंबकीय गुण है और यह लोहे को अपनी ओर आकर्षित करता है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को पत्थर को देखने के बाद कहा कि इस पत्थर की जांच कराई जाएगी. लोग इसे संभावित उल्का पिंड बता रहे हैं, जिसमें चुंबकीय शक्ति है. मधुबनी के जिलाधिकारी शीर्षत कपिल ने भी इस पत्थर को उल्का पिंड होने की संभावना जताई है.

मुख्यमंत्री ने पत्थर के अध्ययन कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया. मुख्यमंत्री ने कहा इसे फिलहाल बिहार संग्रहालय में रखा जाएगा फिर इसे विज्ञान (साइंस) संग्रहालय हस्तांतरित कर दिया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह और अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद थे. गांव के लोगों के मुताबिक जिस खेत से पत्थर को निकाला गया, वहां करीब तीन फीट गड्ढा बन गया है.