पटना : आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा के मामले पर राजग सरकार से तेलुगु देशम पार्टी के मंत्रियों के इस्तीफे के बाद बिहार में भी इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. लालू प्रसाद यादव के राजद ने जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर इस मामले में पैर पीछे खींचने का आरोप लगाया है, वहीं राजग समर्थक दलों के नेताओं का मानना है कि केंद्र बिहार की हरसंभव मदद कर रहा है. Also Read - झारखंड विधानसभा चुनाव: लोजपा ने 5 उम्मीदवारों की दूसरी सूची की जारी

राजद नेता मनोज झा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के फैसले को साहसिक कदम करार देते हुए कहा कि नीतीश कुमार को उनसे सीख लेनी चाहिए. बुधवार को अपने बयान में उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले, इसके लिए हमने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था. पत्र में उनसे केंद्र सरकार पर इसके लिए दबाव बनाने की अपील की थी. बिहार में आर्थिक असमानता ज्यादा है और विशेष राज्य का दर्जा उसकी जरूरत है, लेकिन नीतीश ने दबाव बनाने की बजाय अपने पैर पीछे खींच लिए. मनोज झा ने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि वे चंद्रबाबू नायडू की तरह एक फीसदी भी हिम्मत दिखाएं तो राज्य का भला हो. Also Read - पिता ने सौंपी बेटे को जिम्‍मेदारी, लोक जनशक्ति पार्टी के नए प्रमुख बने चिराग पासवान

दूसरी तरफ, राजग सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने कहा है कि नीतीश कुमार की सरकार वर्षों से बिहार के लिए स्पेशल स्टेटस की मांग कर रही है. केंद्र सरकार ने उसे स्पेशल पैकेज दिया है जो फंडिंग के लिहाज से स्पेशल स्टेटस की तरह ही है. इसके बावजूद कुछ लोग संतुष्ट नहीं हैं. मैं उनसे इतना ही कहना चाहूंगा कि राजग सरकार के कार्यकाल में पूरे देश का विकास सुनिश्चित है.

बता दें कि 2015 में बिहार में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान स्पेशल स्टेटस का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा था. चुनाव के बाद जदयू-राजद की गठबंधन सरकार बनने के बाद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र सरकार से लगातार इसकी मांग कर रहे थे लेकिन गठबंधन टूटने और भाजपा के साथ जदयू की गठबंधन सरकार बनने के बाद यह मुद्दा पृष्ठभूमि में चला गया है.