दरभंगा: बिहार के मिथिलावासियों के लिए अब हवाई सफर का सपना पूरा होने वाला है. दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ानों के संचालन के लिए सिविल एंक्लेव बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. केंद्रीय सिविल एविएशन मिनिस्टर सुरेश प्रभु और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को दरभंगा एयरपोर्ट के एक सिविल टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास किया है. इस पर 92 करोड़ रुपए खर्च होंगे. टर्मिनल बिल्डिंग में पोर्टा कैबिन होंगी, जिनमें 6 चेक इन काउंटर्स होंगे. व्यस्त समय में प्रति घंटे 200 यात्रियों को चेक इन कराने की क्षमता होगी. रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम, उड़ान के तहत सरकार की योजना दरभंगा से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए उड़ानें शुरू करने की है.

दरभंगा एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 9000 फीट है और इसमें एयरबस 321 जैसे बड़े हवाई जहाज उतरने की क्षमता है. नया सिविल एन्क्लेव राज्य में कनेक्टिविटी को बढ़ाने और क्षेत्र में आर्थिक विकास में सहायक बन सकेगा. दरभंगा एयरपोर्ट से व्यवसायिक उड़ान शुरू होना मिथिलावासियों के लिए बहुत लाभदायक होगा. पहले उत्तर बिहार के हज यात्रियों या आम लोगों को घरेलू या इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए पटना या गया जाना पड़ता था.

इस हवाईअड्डे का इस्तेमाल अभी तक वायु सेना करती रहीहै, लेकिन अब इसका प्रयोग व्यवसायिक उड़ानों के लिए भी होगा.

शिलान्यास के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रभु ने कहा कि यहां से व्यावसायिक उड़ान शुरू होने से यह क्षेत्र तेजी से विकास करेगा. उन्होंने इस क्षेत्र में मखाना की खेती की चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को अन्य क्षेत्रों में आने-जाने की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि इस क्षेत्र में व्यापार का भी तेजी से विकास होगा. उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि यहां से अगले साल जुलाई से व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी.

इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि रांची से पटना के बीच भी यहां से उड़ानों की संख्या बढ़नी चाहिए. इस मिथिला क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में रायपुर और मुंबई में भी रहते हैं, इस कारण उस क्षेत्र से भी यहां उड़ानों को जोड़ना चाहिए.

जेडीयू के महासचिव संजय झा ने बताया कि करीब 91 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे सिविल एंक्लेव के निर्माण में करीब चार से पांच महीने का वक्त लगेगा, उसके बाद यहां से विमान सेवा शुरू हो जाएगी. पहले चरण में यहां से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए विमान सेवा शुरू की जाएगी. इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री रामपाल यादव और सांसद कीर्ति आजाद भी मौजूद थे.

अगले साल जुलाई महीने से यहां से व्यवसायिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी. रीजनल कनेक्टिवटी स्कीम’ के तहत बिहार का यह पहला एयरपोर्ट होगा, जहां से विमानों की आवाजाही के लिए सुविधा उपलब्ध होगी.