पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से कहा है कि हाल के वर्षो में नेपाल बाढ़ रोकने के कार्यो में सहयोग नहीं कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ प्रबंधन के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नेपाल में ज्यादा बारिश के कारण उत्तर बिहार बाढ़ से प्रभावित होता है. भारत नेपाल समझौते के आधार पर बिहार का जल संसाधन विभाग सीमावर्ती इलाके में बाढ़ प्रबंधन का कार्य करता है. हाल के वर्षो में नेपाल सरकार द्वारा पूरा सहयोग नहीं किया जा रहा है.Also Read - Parliament Winter Session: पीएम मोदी ने कहा- सरकार संसद में खुली चर्चा को तैयार, देश की तरक्की के लिए रास्ते खोजे जाएं

नीतीश ने कहा कि “वर्ष 2008 में कोसी त्रासदी के समय भी बांध टूटने से बिहार पूरी तरह प्रभावित हुआ था. इस वर्ष भी मधेपुरा जिले में पहले से बने हुए बांध की मरम्मत और मधुबनी में नो मैन्स लैंड में बने बांध की मरम्मत कार्य में नेपाल सरकार द्वारा सहयोग नहीं किया गया.” उन्होंने कहा आगे कहा कि बिहार के संबंधित अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों से बातचीत कर समाधान की कोशिश की, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं दिया. उन्होंने कहा, “जो मरम्मत कार्य मई के मध्य तक पूरा हो जाना चाहिए था, उसे जून के अंत तक ठीक कराया गया. हमलोगों ने अपनी सीमा क्षेत्र में बांध की मजबूती का कार्य किया है.” Also Read - Bihar CM नीतीश कुमार भी गांजा पीते थे, RJD विधायक ने लगाया विवादास्पद आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए ‘स्टेट डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट फंड’ के लिए 1,880 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें 20 प्रतिशत स्टेट डिजास्टर मिटीगेशन फंड का प्रावधान है एवं 80 प्रतिशत स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में बांटा गया है. नीतीश ने कहा कि इसके संबंध में अभी पूरी स्पष्टता नहीं है. इस स्टेट डिजास्टर मिटीगेशन फंड को अलग करने की जरूरत नहीं है. Also Read - Mann Ki Baat on Music Apps: अब अमेज़न म्यूजिक, विंक, हंगामा पर भी सुनें PM मोदी की Mann Ki Baat, ये है मकसद

उन्होंने कहा, “स्टेट डिजास्टर रिस्क फंड में 75 प्रतिशत केंद्र का और 25 प्रतिशत राज्य की राशि का प्रावधान किया गया है. ग्रैच्युलस रिलीफ पर एक बार में 25 प्रतिशत राशि खर्च करने की अधिसीमा निर्धारित की गई है. इसे भी समाप्त किया जाना चाहिए. इससे प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रतिवर्ष राज्य सरकार के खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को काफी कम किया जा सकेगा.” उन्होंने कहा कि राज्य में सितंबर माह तक बाढ़ की आशंका बनी हुई रहती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी राज्य के 16 जिलों के 125 प्रखंडों के 2232 पंचायतों की 74 लाख 20 हजार से ज्यादा की जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित है. राहत और बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. एनडीआरएफ की 23 और एसडीआरएफ की 17 टीमें लगातार काम कर रही हैं.