Bihar Assembly Election 2020: जदयू ने बुधवार को एक साथ बिहार चुनाव के लिए अपने सभी 115 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है.  इस लिस्ट में कुछ ऐसे नाम भी हैं जिनके ऊपर गंभीर मामले दर्ज हैं. इनमें से एक तो नीतीश सरकार की पूर्व मंत्री हैं जो अवैध कारतूस रखने के आरोप में जेल तक हो आई हैं. Also Read - Bihar Election 2020: मतदान से पहले प्रत्याशी और समर्थक को गोलियों से भूना, एक आरोपी की पीट पीटकर हत्या

इतना ही नहीं इस पूर्व मंत्री और इनके पति का नाम मुजफ्फरपुर बालिकागृह कांड में भी खूब उछला था, जिसकी वजह से इन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था फिर इन्हें जदयू ने निलंबित भी कर दिया था. मंजू वर्मा को टिकट दिए जाने से लोग आश्चर्यचकित हैं कि नीतीश ने फिर से मंजू पर कैसे भरोसा जताया है, आखिर क्या मजबूरी है. Also Read - Bihar Polls: औवैसी का दावा- PM मोदी बिहार में BJP विधायक को बनाना चाहते हैं मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार को...

जदयू की लिस्ट में 64वें नंबर पर है कुमारी मंजू वर्मा का नाम Also Read - जंगलराज कायम करने वालों का नौकरी और विकास की बात करना मजाक: नीतीश कुमार

JDU ने जो कल अपने 115 उम्मीदवारों की  लिस्ट जारी की है,  इसमें 64 वें नंबर पर कुमारी मंजू वर्मा का भी नाम है. ये वही मंजू वर्मा हैं जो बालिका गृहकांड मामला सामने आने तक बिहार की समाज कल्याण मंत्री थीं और उनके पति पर बालिका गृहकांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से गहरे ताल्लुकात की बात सामने आयी थी. विपक्ष ने मंजू वर्मा पर आरोप लगाया था कि उनकी नाक के नीचे बच्चियों के साथ अन्याय होता रहा और उन्होंने कुछ नहीं किया.

बालिका गृहकांड की पीड़ित बच्चियों ने लगाए थे मंजू के पति पर गंभीर आरोप

इतना ही नहीं मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड की पीड़ित बच्चियों ने मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए थे और उन्हें भी आरोपी बताया था. इस खुलासे के बाद काफी दिनों तक मंजू वर्मा ने तामझाम दिखाया और फिर बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्प्णी के बाद पुलिस ने मंजू वर्मा पर दबाव बढ़ाया था, जिसके बाद उन्होंने सरेंडर किया था.

आवास से अवैध कारतूस हुआ था बरामद, गईं थीं जेल

उसके कुछ ही दिनों बाद मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच के सिलसिले में सीबीआई के छापे के दौरान मंजू के आवास से हथियार और अवैध कारतूस मिलने पर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था.  मंजू वर्मा अपने पति वर्मा जी के साथ जेल जा चुकी हैं.

मंजू ने नीतीश से की थी मुलाकात, टिकट हो गया था कंफर्म

कुछ दिन पहले मंजू वर्मा ने नीतीश कुमार से जदयू कार्यालय में मुलाकात की थी और उसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि सब कुछ ठीक हो गया है। मंजू वर्मा ने तभी ऐसे संकेत दिए थे कि नीतीश कुमार के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है और उन्हें टिकट मिलना पक्का है। बुधवार को जारी जदयू की सूची में मंजू वर्मा का नाम आते ही नीतीश कुमार और मंजू वर्मा के बीच हुई पूरी डील साफ हो गई है।

मंजू वर्मा और उनके पति पर लगे ऐसे आरोपों के बावजूद नीतीश कुमार ने मंजू वर्मा पर भरोसा जताया है और एक बार फिर उन्हें बेगूसराय से चेरिया बरियारपुर विधानसभा सीट से जदयू का टिकट दे दिया है. इस फैसले से सभी हैरान हैं.