पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने को महागठबंधन में उनकी वापसी से जोड़ कर देखे जाने और तेजप्रताप यादव द्वारा उनके लिए ‘नो इंट्री’ का बोर्ड लगाए जाने के बयान को हास्यास्पद करार दिया है. नीतीश ने कहा कि उन्होंने चार बार लालू के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल की थी. नीतीश ने लालू को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल करने के विषय पर कहा कि राजनीति में एक दूसरे से मतभेद हो सकता है लेकिन व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं होती है. Also Read - Bihar Politics: अरसे बाद फिर से बिहार की सियासत करेंगे राजद सुप्रीमो लालू, रविवार की तारीख तय

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नो इंट्री का बोर्ड हास्यास्पद Also Read - Bihar Lockdown Update: कोरोना संकट के बीच नीतीश कुमार की अपील- अभी रोक दीजिए शादी-विवाह क्योंकि...

उन्होंने यहां ‘लोक संवाद’ कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में यह कहा. नीतीश ने कहा, लालू जी की तबीयत खराब होने के दौरान अभी तक चार बार हम हालचाल पूछ चुके हैं, लेकिन जिस तरह का मर्यादाहीन आचरण प्रस्तुत किया गया है, इससे समाज के वातावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है. लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप द्वारा अपनी मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी के आवास पर नीतीश कुमार के लिए नो इंट्री का बोर्ड लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि यह हास्यास्पद है.

लालू का लिया था हालचाल

गौरतलब है कि नीतीश ने हाल ही में लालू का मुंबई में आपरेशन के दौरान उन्हें फोनकर हालचाल लिया था, इसके बाद उनके महागठबंधन में वापसी को लेकर अटकलें लगायी जाने लगी थी. वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कहा था कि महागठबंधन में अब उनकी वापसी संभव नहीं.

बीजेपी से कोई मतभेद नहीं, बिहार में सरकार सही तरीके से चल रही: नीतीश कुमार

बता दें कि जेडीयू ने 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन में शामिल होकर आरजेडी और कांग्रेस के साथ लड़ा था और राज्य में सरकार बनाई थी. लेकिन पिछले साल नीतीश ने आरजेडी और कांग्रेस से नाता तोडकर बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए के साथ बिहार में नई सरकार बना ली.

बिहार में बढ़ी सियासी सरगर्मी

2019 चुनाव को लेकर बिहार की सियासी सरगर्मी अभी से बढ़ गई है. बीजेपी और जेडीयू में सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर रार बढ़ रही है. दोनों तरफ से आए बयानों ने संकेत दे दिया कि आने वाला वक्त मुश्किलों भरा है. इस बीच नीतीश ने नोटबंदी सहित कुछ मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरे में खड़ा किया जिससे समझा गया कि वह आने वाले वक्त में पाला बदल भी सकते हैं. 7-8 जुलाई 2018 को दिल्ली में हुई जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश ने साफ कर दिया कि बिहार में कोई उनकी पार्टी को नजरअंदाज नहीं कर सकता. साथ ही उन्होंने साफ किया कि पार्टी क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म पर कोई समझौता नहीं करेगी.