पटना। बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर भागलपुर और अन्य जिलों में 2,000 करोड़ रुपये के सृजन घोटाले का आरोप लगाया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अन्य नेताओं पर भी इस घोटाले में संलिप्तता के आरोप लगाए.

सृजन घोटाले के विरुद्ध भागलपुर से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अभियान की शुरुआत करने वाले बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, “नीतीश कुमार और सुशील मोदी सृजन घोटाले के लिए जिम्मेदार हैं और राज्य सरकार सबूत मिटाने और अपनों को बचाने के लिए मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है.”

उन्होंने कहा, “लेकिन, हम चुप नहीं बैठेंगे और हमने राज्य की 11 करोड़ जनता के समक्ष इस घोटाले में उन लोगों की संलिप्तता को उजागर करने का संकल्प लिया है. “उन्होंने कहा कि सुशील मोदी और उनका परिवार इस घोटाले में संलिप्त है.

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के महागठबंधन को तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने पर तंज कसते हुए उन्हें नैतिक भ्रष्टाचार का ‘भीष्म पितामह’ कहा. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार की राजनीति पूरी तरह से बुरे कामों से भरी हुई है. उन्होंने आरजेडी को सीबीआई के चंगुल में फंसा दिया लेकिन सृजन घोटाले को दबाने के लिए बीजेपी से हाथ मिलाया.”

तेजस्वी ने दावा करते हुए कहा कि इस घोटाले में केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह, पूर्व मंत्री शहनवाज हुसैन, पार्टी सांसद नीलकंठ दुबे समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं और इन लोगों ने सरकार के पैसे को लूटा है.

उन्होंने कहा कि बिहार में सृजन घोटाला मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले से भी बड़ा है. दोनों घोटाले बीजेपी शासित प्रदेशों में हुए हैं.
आरजेडी की मांग के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच का ऐलान किया. सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.

सृजन घोटाले के तार भागलपुर स्थित एनजीओ सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड में कथित अनियमितता से जुड़े हुए हैं जहां महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाता था. पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं जिनमें से 10 मामले सीबीआई ने भी दर्ज किए हैं.