नई दिल्ली: देशभर में NRC को लेकर चर्चा जोरों पर है. यही नहीं विपक्षी दलों ने इस बाबत आज एक अहम बैठक बुलाई है. इस बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. नीतीश ने कहा है कि वह बिहार में एनआरसी लागू नहीं होने देंगे. नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि बिहार में एनआरसी का कोई सवाल ही नहीं उठता है. की गई चर्चा असम के संदर्भ में थी. इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है. गौरतलब है कि नीतीश की पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लगातार सीएए और एनआरसी के मसले पर सहयोगी भाजपा को निशाने पर ले रहे हैं. ऐसे में नीतीश का यह ताजा बयान बिहार में कुछ ही महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है.

भाजपा और जदयू के एक बड़े तबके के नेताओं का कहना है कि चुनावी वर्ष में नीतीश कुमार किसी भी तरह के विवाद से बचना चाहते हैं. ऐेसे प्रशांत किशोर ही लगातार एनआरसी और सीएए पर अपनी बात लोगों के सामने रख रहे हैं. बीते दिनों प्रशांत किशोर ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा था कि आखिर जदयू ने दोनों सदनों ने सीएए का समर्थन क्यों किया इस बारे में नीतीश कुमार ज्यादा बेहतर तरीके से बता सकते हैं.

गौरतलब है कि आज विपक्षी दलों ने सीएए और एनआरसी को लेकर एक अहम बैठक बुलाई है. हालांकि इस बैठक से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दूरी बना ली है वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस बैठक से दूरी बना ली है. बता दें कि ममता ने कहा है कि भारत बंद के दौरान कांग्रेस पार्टी ने लेफ्ट पार्टियों का साथ दिया जिन्होंने बंगाल में उत्पात मचाया. इसी बात को वजह बनाकर ममता ने इस बैठक से दूरी बना ली है.