बेगूसराय (बिहार). बेगूसराय में एक तांत्रिक की मांग से प्रशासन भी चकरा गया है. उसने अपने देवता को खुश करने के लिए नरबलि की अनुमति मांगी है. सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में तांत्रिक ने कथित तौर पर दावा किया है कि नरबलि अपराध नहीं है और वह सबसे पहले अपने इंजीनियर बेटे की कुर्बानी देने वाला है. मुफस्सिल थाना अंतर्गत मोहनपुर पहाड़पुर के रहने वाले सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 29 जनवरी को बेगूसराय के सब डिविजनल ऑफिसर (सदर) को एक पत्र लिखा. इस कथित पत्र का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. हालांकि, एसडीओ संजीव कुमार चौधरी का कहना है कि उन्हें पत्र नहीं मिला है.

एसडीओ ने कहा, ‘‘यह गंभीर मामला है. नरबलि अवैध है. हम चिट्ठी और तांत्रिक का पता लगा रहे हैं. उचित कार्रवाई की जाएगी.’’ पत्र अज्ञात संगठन ‘‘बिंदु मां मानव कल्याण संस्था’’ के लेटरहेड पर लिखा गया है. सिंह दावा करता है कि वह इस संगठन का प्रमुख है जो सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत है. वीडियो में तांत्रिक कहता है, ‘‘नरबलि अपराध नहीं है. मां कामाख्या ने नरबलि का आदेश दिया है. सबसे पहले मैं अपने इंजीनियर बेटे की बलि देना चाहता हूं जिसने मेरे मंदिर के लिए वित्तीय मदद करने से इंकार कर दिया. वह रावण जैसा है.’’

ग्रामीणों ने बताया कि अजीबोगरीब व्यवहार के कारण सुरेंद्र प्रसाद सिंह को ‘‘पगला बाबा’’ कहा जाता है. कभी-कभार निर्वस्त्र और हाथ में नरमुंड भी लेकर उसे घूमते हुए देखा गया है. उन्होंने कहा कि चर्चा में बने रहने के लिए वह इस तरह के करतब करता रहता है. यह भी उसकी इसी तरह की हरकत है.