पशुपति कुमार पारस बोले- मैं हाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ूंगा, भतीजे चिराग पासवान के दावे को किया खारिज

केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस पटना में अपनी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के मुख्यालय में कहा कि लोकसभा चुनाव हाजीपुर से लड़ूंगा, चिराग का दावा NDA स्वीकार नहीं करेगा

Published date india.com Published: July 22, 2023 7:20 PM IST
पशुपति कुमार पारस बोले- मैं हाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ूंगा, भतीजे चिराग पासवान के दावे को किया खारिज
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने आज शनिवार को पटना में अपनी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.

पटना: केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (Union Minister Pashupati Kumar Paras ) ने आज शनिवार को कहा कि वह अगला लोकसभा चुनाव हाजीपुर (Hajipur Lok Sabha seat) से लड़ेंगे (contest) . उन्होंने साथ ही अपने भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के दावे को खारिज कर दिया, जिन्होंने कहा था कि वह अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की इस सीट (Hajipur) से चुनाव लड़ेंगे.

पारस ने पटना में अपनी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें विश्वास है कि बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) इस सीट पर उनके दावे का समर्थन करेगा, न कि चिराग का जो अभी गठबंधन का हिस्सा नहीं बने हैं. पारस ने कहा, ”मैं राजग का हिस्सा हूं और इसमें कोई संदेह नहीं है. चिराग भले ही दिल्ली में राजग की बैठक में शामिल हुए हों, लेकिन उन्हें संसद के अंदर हुई गठबंधन के सांसदों की बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था. यही सब कुछ बताता है.”

केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा, ”मैं चिराग के साथ मतभेद को लेकर जारी अटकलों को खारिज करता हूं, जो दिल्ली में चिराग के मेरे पैर छूने और मेरे उन्हें आशीर्वाद देने की तस्वीरों के बाद पैदा हुई हैं. यह बिहार और मिथिला क्षेत्र की संस्कृति का एक हिस्सा है, जहां से हम संबंध रखते हैं.”

केंद्रीय मंत्री पारस ने मीडिया के एक वर्ग में आई उन खबरों को भी खारिज कर दिया कि वह चिराग के साथ जारी गतिरोध खत्म करने के लिए राज्यसभा के रास्ते संसद जा सकते हैं या फिर राज्यपाल बन सकते हैं. पारस ने कहा, दुनिया की कोई ताकत मुझे हाजीपुर से अगला चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती. इसके विपरीत जितनी भी खबरें हैं वे बारिश के दौरान मेंढकों के शोर मचाने जैसी हैं. चुनावी वर्ष होने के कारण आपने ऐसी खबरें सुनी हैं, लेकिन इनका कोई आधार नहीं है. जब यह बताया गया कि चिराग अपने पिता रामविलास पासवान की कर्मभूमि हाजीपुर पर दावा कर रहे हैं, तो पारस ने कहा, दिवंगत (रामविलास) पासवान मेरे भाई भी थे.

पारस ने कहा, चिराग को याद रखना चाहिए कि मैं कभी भी लोकसभा चुनाव लड़ने का इच्छुक नहीं था. हाजीपुर से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद, मैंने संवाददाताओं से कहा था कि मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मुझे पदावनति मिल रही है. कई लोगों ने इसे हार की स्वीकृति माना. लेकिन मैं केवल इस तथ्य की ओर इशारा कर रहा था कि मैं पहले से ही बिहार में मंत्री हूं.

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केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, जब मेरे भाई ने मुझसे कहा कि वह चाहते हैं कि मैं हाजीपुर से चुनाव लड़ूं, तो मैंने शुरू में अपनी इच्छा नहीं दिखाई. मैंने उनसे सीट के लिए चिराग या उनकी मां (भाभी जी) को चुनाव मैदान में उतारे जाने पर विचार करने को कहा. लेकिन मेरे भाई जिद पर अड़े रहे.

पारस ने याद करते हुए कहा, आखिरकार, मैंने हार मान ली क्योंकि मैंने कभी भी अपने भाई की अवज्ञा नहीं की. जब उन्होंने संसद में जाने के लिए दशकों पहले अपनी अलौली विधानसभा सीट छोड़ दी थी, तो मैं उनके कहने पर सरकारी शिक्षक के रूप में अपनी नौकरी छोड़कर मैदान में उतर गया था. (भाषा/ANI)

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