पटना: बिहार के कद्दावर नेता और मोदी सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान के दामाद ने उन्हें झटका दिया है. पासवान के दामाद व दलित सेना के अध्यक्ष अनिल कुमार साधू ने लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का दामन थाम लिया है. साधू के इस कदम के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है. साधू ने स्पष्ट रूप से अपने ससुर और लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष राम विलास पासवान पर पार्टी सिद्धांतों और नीतियों से समझौता करने तथा निजी फायदे के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थन करने का आरोप लगाकर उनपर करारा प्रहार किया. Also Read - यूपी सहित 16 राज्यों के लोग उठा सकेंगे 'राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी' का लाभ, दूसरे राज्य में भी कर सकेंगे खरीदारी

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के हिंदुस्तान अवाम मोर्चा-सेकुलर (एचएएम-एस) के शामिल होने के बाद साधू ने बीजेपी-जनता दल (युनाइटेड) गठबंधन को ताजा झटका दिया है. साधू ने कहा, “बिहार और पूरे देश में दलितों के खिलाफ हिंसा में पिछले कुछ महीनों में वृद्धि हुई है लेकिन पासवान और उनके बेटे चिराग इस मुद्दे पर शांत हैं. अगर वे दलित नेता हैं तो उन्होंने अब तक कुछ भी क्यों नहीं कहा है?” Also Read - सोनिया गांधी के बाद अब तेजस्वी यादव का ऐलान- हम देंगे गरीब मजदूरों की रेलवे यात्रा का किराया

साधू साल 2015 विधानसभा चुनाव में हार गए थे. उन्होंने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की तारीफ करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय का नायक करार दिया. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने साधू का स्वागत किया. उन्होंने कि वंचितों की आवाज उठाने वाले राजग नेता अब आरजेडी में शामिल हो रहे हैं. Also Read - One Nation One Ration Card: उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 17 राज्यों में वन नेशन वन राशन कार्ड लागू