बिहार की राजधानी पटना में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। वहां गंगा नदी के मकर संक्रांति के मौके पर दियारा क्षेत्र में सरकार द्वारा आयोजित पतंग उत्सव देखकर लौट रहे लोगो को लेकर लौट रही नाव एनआईटी घाट के पास पलट गई। इस हादसे में मारने वालो की संख्या 23 हो गई है। कई लोग अब भी लापता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 लोगों को बचाया गया है जिनमे से 6 लोगों का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की मृतकों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को लगाया गया है। यह भी पढ़े:  गंगा नदी में मौत का तांडव, नाव पलटी, 21 लोगों की मौत का LIVE VIDEOAlso Read - देशभर में छठ पर्व की धूम: बिहार, दिल्‍ली, यूपी समेत देश के कई राज्‍यों में डूबते सूरज को दिया गया अर्घ्य

कहा जा रहा है कि इस नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर 50 से ज्यादा लोग सवार थे। शुरुवात में स्थानीय लोगो ने राहत और बचाव का काम किया फिर एसडीआरएफ की टीम आई। 25 लोग तैरकर बाहर निकल गए । घटना की सूचना पाकर पटना के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। इधर, लोग लापता हुए अपने परिजनों को खोजने के लिए परेशान हैं। Also Read - Bihar से लालू यादव पत्‍नी और बेटे के साथ दिल्‍ली पहुंचे, बोले- मेरी तबीयत ठीक नहीं है

हादसे के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर दुख जताया है। नीतीश ने ट्वीट कर लिखा, “गंगा दियारा में नाव डूबने की घटना दुखद। विभागों को बचाव और राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश।” साथ की सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रूपए का मुआवज़ा देने की बात कही है। Also Read - Gandhi Maidan Blast case: NIA कोर्ट ने 10 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया, 1 बरी; सजा पर फैसला नवंबर में

वहीँ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने घटना के बाद तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और पीएमसीएच का दौरा किया। उन्होंने इस हादसे के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार से व्यवस्था में चूक हुई है।”

इस बीच इस हादसे के बाद जद (यू) ने रविवार को मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज को स्थगित कर दिया है।