पटना। मुफ्त में सब्जी नहीं देने पर किशोर को जेल भेजे जाने के बहुचर्चित मामले में जांच के बाद दो थानों के प्रमुखों सहित 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही एक अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों 14 वर्षीय किशोर को जेल भेजे जाने के मामले की जांच का आदेश दिया था. Also Read - Bihar Polls 2020: दूसरे फेज के चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने खेला आबादी के हिसाब से आरक्षण का दांव, कही यह बात...

डकैती में दिखाई गिरफ्तारी Also Read - चिराग की चुटकी- 'जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहेंगे BJP का मुझसे कुछ लेना-देना नहीं, तब मानेंगे नीतीश?'

इस मामले की जांच के बाद पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक नैय्यर हसनैन खान ने बताया कि बाईपास थाना क्षेत्र में डकैती की योजना बनाते पांच लड़कों में तीन को गिरफ्तार किया गया था और दो फरार हो गए थे. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लड़कों के पास से चार मोटरसाइकिल बरामद हुई थी. जेल भेजे गए तीन लड़कों में नितेश कुमार, विशाल कुमार और पंकज कुमार शामिल थे. Also Read - मनोज तिवारी के हेलीकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी, पटना में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

पंकज के माता—पिता ने शिकायत की थी कि मुफ्त में सब्जी नहीं देने पर उनके नाबालिग पुत्र को जेल भेज दिया गया है. हसनैन ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पता चला कि पंकज की गिरफ्तारी उस स्थान से नहीं हुई जहां दिखायी गयी थी. उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया था.

एफआईआर में कई गड़बड़ियां

उन्होंने बताया कि जांच के क्रम में पाया गया कि पंकज की गिरफ्तारी के समय उसके पास कोई सामग्री बरामद नहीं की गयी बल्कि कालांतर में एक मोटरसाइकिल बरामद दिखायी गयी है. इस मामले में जो प्राथमिकी दर्ज की गयी, उसमें कई अनियमितताएं हैं और मुफ्त में सब्जी नहीं देने पर पंकज को जेल भेजे जाने के आरोप की जांच में यह बात सामने आयी कि इसके कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं और आरोप भी सत्य नहीं है.

हसनैन ने बताया कि प्राथमिकी में अनियमितताओं के मद्देनजर अगमकुआं के थाना अध्यक्ष कामाख्या सिंह को निलंबित कर दिया गया है और उनका मुख्यालय सहरसा के पुलिस उपमहानिरीक्षक मुख्यालय कर दिया गया है तथा बाईपास थाना अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय बेतिया कर दिया गया है.

थाना प्रभारी सस्पेंड 

उन्होंने बताया कि उक्त समय अगमकुआं थाना के प्रभारी अध्यक्ष मुन्ना कुमार वर्मा को भी निलंबित कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त अगमकुआं थाना के चार अन्य अवर निरीक्षक और दो आरक्षी और बाईपास थाना के तीन आरक्षी और एक अन्य अवर निरीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि अगमकुआं थाना की छवि ठीक नहीं होने के मद्देनजर उक्त थाना के सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन बुला लिया गया है और वहां नए सिरे से पदस्थापन किया जा रहा है.

फिर से जांच रिपोर्ट मांगी

हसनैन ने बताया कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में पायी गयी अनियमितताओं को देखते हुए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को फिर से जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है . उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह गंभीर कांडों पर स्वयं नजर रखें और अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण रखें. हसनैन ने बताया कि प्रभारी पटना सिटी अनुमंडल अधिकारी हरिमोहन शुक्ला को इस मामले में दोषी पाया गया है तथा उनके निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पटना के बेउर जेल में बंद किशोर पंकज को रिमांड होम भेजने के लिए कार्यवाही की जा रही है .

(भाषा इनपुट)