पटना: बिहार कांग्रेस समिति के प्रवक्ता विनोद शर्मा ने भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में की गई कार्रवाई का पार्टी के नेताओं द्वारा सबूत मांगे जाने को शर्मनाक बताते हुए शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि अब कांग्रेसी कहलाने पर भी उन्हें शर्म आ रही है. पार्टी से इस्तीफा दिए जाने के बाद पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रवक्ता ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े करते हुए ‘एयर स्ट्राइक’ का सबूत मांगने को गलत बताया तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर भी कई गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा, “एयर स्ट्राइक का सबूत मांगना देश की सेना का मनोबल तोड़ने जैसा है. ऐसे ही कारणों से कांग्रेस की स्थिति बुरी हो रही है और लोग कांग्रेस को अब ‘पकिस्तान का एजेंट’ समझने लगे हैं.” विनोद शर्मा ने कहा, “हमारे लिए पार्टी से ऊपर देश है और देश ही सवरेपरि है.” उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा पर भी पैनल में नाम शामिल करने के नाम पर पैसा लेने का आरोप लगाया और कहा कि वे 30 वर्षो से पार्टी की सेवा कर रहे हैं और भारी मन से ऐसा निर्णय लेना पड़ा है.”

बुजुर्ग नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाएगी बीजेपी, जो जीत सकते हैं उन्हें मिलेगा टिकट

शर्मा को हाल ही में बनी कांग्रेस प्रदेश समिति में प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. शर्मा शायद यह सोचने की जरूरत नहीं समझते कि एयर स्ट्राइक का कोई सबूत क्यों नहीं दिया जा रहा है. पुलवामा हमले के शहीदों की विधवाओं का यह कहना कैसे गलत है कि मरे आतंकियों की लाशों की एक फोटो ही दिखा दिया जाता तो उनके दिल को ठंडक पहुंचती. सेना क्या इतनी कमजोर है कि सबूत मांगने से उसका मनोबल कैसे गिर जाएगा? पुलवामा में भारी मात्रा में आरडीएक्स पहुंचा कैसे? पहुंचने कैसे दिया गया? किसकी लापरवाही का नतीजा था यह? हमारा खुफिया-तंत्र क्या कर रहा था? इस चूक के लिए जिम्मेदार कौन है?