नई दिल्ली: बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सोमवार को पटना हाईकोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने उनके पांच देशरत्न मार्ग सरकारी बंगला खाली करने के राज्य सरकार के आदेश को सही बताते हुए तेजस्वी की याचिका खारिज कर दी. पटना हाईकोर्ट ने तेजस्वी को पांच देशरत्न मार्ग स्थित बंगले को खाली करने का आदेश दिया है. पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए़ पी़ शाही और न्यायाधीश अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने पटना हाईकोर्ट के एक सदस्यीय बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए तेजस्वी को बंगला खाली करने का आदेश दिया.

अदालत ने गुरुवार को ही इस मसले पर दोनों पक्षों की ओर से दलीलें सुनने के बाद सुनवाई पूरी कर ली थी और आदेश को सुरक्षित रख लिया था. उल्लेखनीय है कि अक्टूबर महीने में न्यायाधीश ज्योति शरण ने राज्य सरकार की उस दलील को सही मानते हुए तेजस्वी को बंगला खाली करने का आदेश दिया था, जिसमें यह कहा गया था कि तेजस्वी को वह बंगला उपमुख्यमंत्री के तौर पर आवंटित किया गया था. पद से हटने के बाद सरकार ने तेजस्वी का आवंटन रद्द करते हुए यह बंगला उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को आवंटित कर दिया है.

इसके बाद तेजस्वी ने राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका डाली थी. एक सदस्यीय बेंच के फैसले के विरोध में तेजस्वी ने फिर से हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच में याचिका दर्ज की थी. तेजस्वी यादव राजद, कांग्रेस और जद (यू) गठबंधन की सरकार के समय राज्य के उपमुख्यमंत्री बनाए गए थे. बाद में हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने गठबंधन से अलग होकर भाजपा के साथ सरकार बना ली.