पटना। पटना हाई कोर्ट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, पटना हाई कोर्ट ने 2004 के चर्चित सीवान तेजाब कांड मामले में सीवान सिविल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. इसका मतलब है कि शहाबुद्दीन की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है.

शहाबुद्दीन फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं. सीवान सिविल कोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद शहाबुद्दीन के वकील ने फैसले को चुनौती देते हुए पटना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 30 जून 2017 को ही सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था.

क्या है पूरा मामला

16 अगस्त, 2004 को सीवान के व्यवसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के बेटों गिरीश, सतीश और राजीव का अपहरण किया गया था. गिरीश और सतीश की तेजाब डालकर हत्या कर दी गई थी, जबकि राजीव उनके चंगुल से भाग निकलने में कामयाब रहा था. इस मामले में गिरीश की मां कलावती देवी के बयान पर सीवान के मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया था.

हत्याकांड के गवाह और मृतकों के भाई राजीव ने अदालत को बताया था कि वारदात के समय पूर्व सांसद शहाबुद्दीन खुद वहां उपस्थित थे. वर्ष 2014 में राजीव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

आईएएनएस इनपुट