मुजफ्फरपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ यहां एक अदालत में बुधवार को परिवाद पत्र दाखिल किया गया है. यह परिवाद पत्र कमलनाथ के उस बयान के विरोध में दायर किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग नौकरियां पा लेते हैं, और मध्य प्रदेश के नौजवान रोजगार से वंचित रह जाते हैं. मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती कुमारी की अदालत में अहियापुर के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने एक परिवाद पत्र दायर किया है. कांग्रेस की जीत के बाद हाल ही में कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके तुरंत बाद उन्होंने विवादित बयान दे दिया.Also Read - Uttar Pradesh Rural Economy: यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 1 हजार करोड़ के निवेश से मिलेगी विकास की रफ्तार

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हाशमी ने परिवाद पत्र में आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान से बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों का जहां अपमान हुआ है, वहीं यह बयान देश को तोड़ने वाला भी है. परिवाद पत्र में कमलनाथ के बयान को बिहार की प्रतिभाओं को अपमानित करने वाला बताते हुए अदालत से मुख्यमंत्री पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है. हाशमी ने बताया कि अदालत ने परिवाद पत्र को स्वीकार करते हुए इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तिथि मुकर्रर की है.

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उल्लेखनीय है कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोमवार को अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मध्य प्रदेश में ऐसे उद्योगों को ही सरकार की तरफ से वित्तीय और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिसमें 70 प्रतिशत रोजगार मध्य प्रदेश के लोगों को दिया जाएगा. कमलनाथ ने कहा था, ‘मध्य प्रदेश में बहुत से ऐसे उद्योग लग जाते हैं, जिसमें अन्य राज्यों से लोग आकर नौकरियां पा लेते हैं, उत्तर प्रदेश और बिहार से. हालांकि मैं उनकी आलोचना करना नहीं चाहता, परंतु मध्य प्रदेश के नौजवान इसके कारण रोजगार पाने से वंचित रह जाते हैं.’