पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों का 26 अगस्त को हवाई सर्वेक्षण करेंगे. हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रधानमंत्री प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों व बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेंगे. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा कि प्रधानमंत्री 26 अगस्त को बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

उल्लेखनीय है कि बिहार के सीमांचल सहित 18 जिलों के 1.46 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है, जबकि बाढ़ की चपेट में आने से 341 लोगों की मौत हो गई है. एनडीआरएफ की 28 टीम 1152 जवानों और 118 वोट के साथ, एसडीआरएफ की 16 टीम 446 जवानों व 92 वोट के साथ और सेना की 7 कालम 630 जवानों और 70 बोट के साथ बचाव और राहत कार्य में जुटी हुई हैं.

बाढ़ प्रभावित प्रदेश के 18 जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया प्रभावित हुए. अररिया में 71 लोग, सीतामढी में 34, पश्चिमी चंपारण में 29, कटिहार में 26, मधुबनी में 22, पूर्वी चंपारण एवं दरभंगा में 19—19, मधेपुरा में 15, सुपौल में 13, किशनगंज में 11, पूर्णिया और गोपालगंज में 9—9, मुजफ्फरपुर में 7, खगड़िया और सारण में 6—6 व शिवहर और सहरसा में 4—4 व्यक्ति की मौत हुई है.

राज्य सरकार के द्वारा बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित निकाले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. अब तक 734512 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और 1346 राहत शिविरों में 327156 व्यक्ति शरण लिए हुए हैं. बाढ़ राहत शिविर के अतिरिक्त वैसे प्रभावित व्यक्ति जो राहत शिविरों में नहीं रह रहे हैं उनके लिए सामुदायिक रसोइघर चलाये जा रहे हैं. इस तरह कुल 2219 सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं जिसमें 481005 लोगों को भोजन कराया जा रहा है.

आईएएनएस/भाषा इनपुट