बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के मुखिया नीतीश कुमार संभवतः पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी रैली में शिरकत करेंगे. दोनों नेता 3 मार्च को पटना के गांधी मैदान में एनडीए की ओर से चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे. इस महारैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और रामविलास पासवान भी शिरकत करेंगे. भाजपा ने मार्च के पहले सप्ताह में निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की घोषणा किए जाने की संभावना को देखते हुए यह तारीख तय की है.

प्रदेश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने भाजपा और लोजपा के नेता नित्यानंद राय व पशुपति कुमार पारस के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि एनडीए इस महारैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से देश और जनता के हित में उठाए गए कदमों के बारे में बताया जाएगा.

सिंह ने कहा कि यह एक महारैली होगी. उन्होंने उम्मीद जताई की तीनों दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में लोगों को गांधी मैदान लाएंगे. इस रैली में दोनों सरकारों द्वारा किए गए विकास कार्यों की चर्चा की जाएगी. राय ने कहा कि इस रैली में एनडीए विपक्षी दलों की सरकारों द्वारा 55 सालों में किए गए कामों की तुलना करेगा. उन्होंने कहा कि इस रैली का मकसद जनता के सामने चीजों को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना है, जिससे कि वह विकास के मसले पर यूपीए और एनडीए के कामों को तौल सके.

लोजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह रैली ऐतिहासिक होगी. यह पिछले 30-40 सालों की सबसे बड़ी रैली होगी. उन्होंने कहा कि यह चुनावी रैली होगी और निश्चित रूप से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेता इसमें शरीक करेंगे. गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने भी 3 मार्च को राज्य में जन आकांक्षा रैली करने की बात कही है.