Bihar Assembly Election 2020:  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सासाराम में आयोजित रैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में अपना संबोधन शुरू किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत भोजपुरी से की, उन्होंने कहा कि ई भूमि के नमन कर तानी. भारत के सम्मान बा बिहार, भारत के स्वाभिमान बा बिहार, भारत के संस्कार बा बिहार, संपूर्ण क्रांति के शंखनाद बा बिहार, आत्मनिर्भर भारत के परचम बा बिहार.Also Read - Bihar Liquor Ban News: कोर्ट की फटकार के बाद शराबबंदी कानून बदलेगी नीतीश सरकार, जानिए क्या होगा बदलाव

पीएम ने रामविलास पासवान-रघुवंश बाबू को दी श्रद्धांजलि  Also Read - Covid-19, Omicron in Bihar: बिहार के दोनों डिप्टी CM कोरोना संक्रमित, दो अन्य मंत्रियों की भी रिपोर्ट पॉजिटिव

मेरे करीबी मित्र और गरीबों, दलितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले और आखिरी समय तक मेरे साथ रहने वाले राम विलास पासवान जी को मैं श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं. बाबू रघुवंश प्रसाद सिंह जी ने भी गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर काम किया, वो भी अब हमारे बीच नहीं हैं, मैं उन्हें भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. Also Read - CoronaVirus In Bihar: बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, 198 डॉक्टर हुए कोरोना संक्रमित, आज लॉकडाउन पर होगा फैसला

फिर से बिहार में बनने जा रही है नीतीश की सरकार

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों ने मन बना लिया है, ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे. जितने सर्वे हो रहे हैं, जितनी रिपोर्ट आ रही है, सभी में ये ही आ रहा है. बिहार में फिर एक बार, NDA सरकार बनने जा रही है, नीतीश की ही सरकार बनने जा रही है.

बिहार के लोग भूल नहीं सकते वो 15 साल…

बिहार चुनाव की पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना का मुकाबला करते हुए सारी सावधानी के साथ लोग लोकतंत्र के महापर्व का जश्न मना रहे हैं. बिहार के लोग भूल नहीं सकते वो दिन जब सूरज ढलते का मतलब होता था, सब कुछ बंद हो जाना, ठप्प पड़ जाना. आज बिजली है, सड़के हैं, लाइटें हैं और सबसे बड़ी बात वो माहौल है जिसमें राज्य का सामान्य नागरिक बिना डरे रह सकता है, जी सकता है.

जिन लोगों ने सरकारी नियुक्तियों के लिए बिहार के नौजवानों से लाखों की रिश्वत खाई, वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं. आज बिहार में पीढ़ी भले बदल गई हो, लेकिन बिहार के नौजवानों को ये याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे?