पटना: राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की तरफ से शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर यहां शनिवार को निकाले गए आक्रोश मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई. इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज में रालोसपा प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गए. इस बीच, पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में रालोसपा ने चार फरवरी को बिहार बंद का आह्वान किया है. उपेंद्र कुशवाहा को सिर और पीठ में चोटें आई हैं. हाथ में भी गंभीर चोट आई है. शरद यादव उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे. महागठंबधन के नेताओं ने लाठीचार्ज की निंदा की है.


पुलिस के अनुसार, रालोसपा के कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री कुशवाहा के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला था. जेपी गोलंबर से प्रारंभ इस मार्च के डाक बंगला चौराहे के पास पहुंचने पर पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता राजभवन की ओर जाने की कोशिश करने लगे. इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने रोड़ेबाजी शुरू कर दी. पुलिस ने पानी की बौछारें की और कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की. रालोसपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और लाठियां भांजने लगे. इसके बाद पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर दिया. उपेंद्र कुशवाहा ने संवाददाताओं से कहा कि नीतीश सरकार शिक्षा विरोधी है और उसी कारण रालोसपा के आक्रोश मार्च के दौरान पुलिस से लाठियां चलवाई गईं. उन्होंने कहा कि इसमें कई कार्यकर्ता और समर्थक जख्मी हुए हैं.

राजद नीत महागठबंधन के प्रमुख घटक दल रालोसपा के प्रमुख कुशवाहा को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा. अधिकारी ने कहा कि रोड़ेबाजी में कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं. रालोसपा के कार्यकारी अध्यक्ष नागमणि ने कहा कि रालोसपा ने इस लाठीचार्ज के विरोध में चार फरवरी को बिहार बंद की घोषणा की है, जिसका समर्थन महागठबंधन में शामिल सभी दलों ने किया है.


इस बीच कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी पीएमसीएच पहुंचे और उन्होंने कुशवाहा से मुलाकात की. मांझी ने कहा कि शांतिपूर्ण मार्च पर लाठी चलवाना लोकतंत्र की हत्या है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुशवाहा की हत्या करना चाहती है. राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा, “शिक्षा सुधार के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे रालोसपा अध्यक्ष पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पुलिस से हमला करवाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ एवं तानाशाही की पराकाष्ठा है.”