Bihar New Government: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election Results 2020) में  एनडीए (NDA) की जीत के बाद अब नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar)ने शुक्रवार को राज्यपाल फागू चौहान (Fagu chauhan)को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में निवर्तमान बिहार कैबिनेट (Bihar Cabinet)की बैठक हुई. अब मंत्री पद को लेकर बिहार में राजनीतिक हलचल तेज है.Also Read - Bihar: कोर्ट जा रहे एडवोकेट की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, नाराज वकीलों ने लगाया जाम

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर और नीतीश कुमार को गठबंधन दल का औपचारिक रूप से अपना नेता चुनने के लिए कल यानी रविवार को दोपहर साढ़े 12 बजे एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी. लेकिन इससे पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी. पार्टी विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव होगा. Also Read - कोरोना की दूसरी खुराक लेने कोविड केंद्र पहुंचे लोग, अधिकारी बोले- आपको पहले ही लग चुका है टीका; मचा बवाल

इस राजनीतिक हलचल के साथ ही एनडीए के घटक दलों में संभावित मंत्रियों के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. लेकिन एनडीए में फिलहाल इसे लेकर कोई फार्मूला अबतक तय नहीं हुआ है. अब देखना होगा कि जदयू और भाजपा कोटे से कितने मंत्री बनते हैं. वैसे वीआईपी और हम के खाते में एक-एक मंत्री पद जाना तय माना जा रहा है. Also Read - Bihar: विधानसभा परिसर में DM, SSP की कार को रास्‍ता देने के लिए मंत्री की कार रोकी पुलिसकर्मी ने, अब हाई लेविल की जांच के आदेश

किस दल से कितने मंत्री
जदयू से मुख्यमंत्री के अलावा 12 मंत्री बनने की उम्मीद है.  इस दल के 43 विधायक चुनकर आए हैं.जदयू कोटे के जो मंत्री जीतकर आए हैं उनमें बिजेन्द्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, महेश्वर हजारी, बीमा भारती, नरेन्द्र नारायण यादव, मदन सहनी शामिल हैं. नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और नीरज कुमार को भी मंत्रिपरिषद में रहने की चर्चा है.

भाजपा के जो नेता हार गए हैं उनका तो पत्ता कट जाएगा, लेकिन जो जीतकर आए हैं उनका दुबारा मंत्रिपरिषद में शामिल होना तय माना जा रहा है. सामाजिक समीकरण को देखकर यह तय है कि भाजपा कोटे से बनने वाले मंत्रियों में सवर्ण समुदाय का दबदबा रहेगा.

ब्राह्मण समुदाय से विनोद नारायण झा व मंगल पांडेय, नीतीश मिश्रा मंत्री पद के दावेदारों में से एक हैं. वहीं यादव समाज से नंद किशोर यादव का मंत्री बनना तय है तो वहीं पांचवीं बार विधान पार्षद बने प्रो. नवल किशोर यादव भी मंत्री के प्रबल दावेदारों में हैं. भूमिहार कोटे से विजय कुमार सिन्हा, राजपूत कोटे से राणा रणधीर का फिर से मंत्री बनना तय माना जा रहा है.

अन्य दावेदारों में अमरेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा अरुण कुमार सिंह, विनय बिहारी और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह को भी मंत्री बनाने की चर्चा है. कायस्थ वर्ग से विधान पार्षद संजय मयूख और बांकीपुर विधायक नितिन नवीन के नाम की चर्चा तेज है.

अतिपिछड़ा कोटे में प्रेम कुमार, अतिपिछड़ा से रेणु देवी, वैश्य समुदाय से राम नारायण मंडल और प्रमोद कुमार, कुर्मी-कुशवाहा समुदाय से अवधेश सिंह और सुनील कुमार तो एससी-एसटी कोटे से कृष्ण कुमार ऋषि के अलावा एक-दो नाम और चर्चा में है.

वीआईपी के कोटे से पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. हालांकि मंत्री बनने के बाद उन्हें छह माह के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना होगा, क्योंकि वह चुनाव हार गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र डॉ. संतोष सुमन भी मंत्रीपरिषद में शामिल हो सकते हैं.