पटना: नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी के विरोध में वामदलों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान पर गुरुवार को बिहार में मिलाजुला असर रहा और सड़क और रेल यातायात बाधित करने वाले 248 बंद समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया. अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रदेश के 38 जिलों में से 30 जिलों से अब तक प्राप्त सूचना के अनुसार बंद के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और 248 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया.


बिहार की राजधानी पटना में वामपंथी छात्र संगठनों-एआईएसएफ और आईसा से जुड़े कार्यकर्ता राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर बैठ गए जिससे सुबह करीब आधे घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही. रेलवे सुरक्षा बल द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाये जाने पर रेल यातायात बहाल हुआ. सुबह करीब आठ बजे विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ पटना जंक्शन पहुंचे और रेल यातायात को बाधित करने का प्रयास किया जिन्हें ऐसा करने से आरपीएफ ने रोक दिया.

सुबह 10 बजे के आसपास पूर्व सांसद पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन से सटी सड़क पर टायर जलाकर उनमें से कुछ को पटरियों पर फेंक दिया. उन्होंने उक्त सडक मार्ग से गुजर रही एक एम्बुलेंस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. स्थानीय पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा. बंद के दौरान जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने अपने समर्थकों के साथ प्रतीकात्मक तौर पर हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ी पहने पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन किया.


जहानाबाद जिले में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने काको मोड़ पर सड़क पर प्रदर्शन किया जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 110 और 83 पर यातायात बाधित हो गया. भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड मुख्यालय के समीप भी प्रदर्शन किया जिससे आस-पास के तथा पडोसी समस्तीपुर जिले में वाहनों का आवागमन बाधित हो गया. माकपा कार्यकर्ता दरभंगा जिले के लहरिया सराय स्टेशन के पास रेल पटरियों पर बैठ गए. पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि विभिन्न संगठनों द्वारा बिहार बंद के मद्देनजर एक-दो छिटपुट घटनाओं को छोड़कर ट्रेनों का परिचालन लगभग सामान्य रहा.