नई दिल्ली. बिहार के मुजफ्फरपुर में दिमागी बुखार से पीड़ित 108 बच्चों की मौत के बाद सीएम नीतीश कुमार मंगलवार को मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) पहुंचे. सीएम ने यहां पहुंचकर अस्पताल के आईसीयू और अन्य वार्डों में भर्ती बच्चों का हाल-चाल जाना. सीएम के दौरे को लेकर अस्पताल के बाहर मौजूद हजारों लोगों में नाराजगी दिखी. लोग इस बात से नाराज थे कि पिछले एक पखवाड़े में दिमागी बुखार के कारण सौ से ज्यादा बच्चों की मौत की खबर जानने के बाद भी मुख्यमंत्री इतनी देर से मुजफ्फरपुर पहुंचे. इसको लेकर लोगों ने अस्पताल के बाहर नीतीश के विरोध में नारे लगाए. स्थानीय लोग ‘नीतीश कुमार वापस जाओ’ के नारे लगा रहे थे.

इससे पहले भी जब-जब बिहार सरकार का कोई मंत्री या नेता पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों का हाल जानने मुजफ्फरपुर पहुंचा है, तो स्थानीय लोगों ने विरोध में नारेबाजी और प्रदर्शन किए थे. इसको लेकर मंगलवार की सुबह से ही सीएम नीतीश कुमार के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी. बावजूद इसके सीएम के आने के बाद एसकेएमसीएच के बाहर लोगों ने नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की. सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोग लगातार बिहार सरकार और सीएम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि इतने बच्चों की मौत के बाद भी प्रशासन एईएस बीमारी से रोकथाम के उपाय करने में नाकाम रहा है. आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण जिले में दिमागी बुखार की वजह से अब तक 108 बच्चों की जान जा चुकी है. बीमारी से सर्वाधिक प्रभावित जिला मुजफ्फरपुर है, जहां के अस्पताल में इन बच्चों का इलाज चल रहा है.

मुजफ्फरपुर जिले में पिछले 10 वर्षों में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस बीमारी की वजह से एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. 2019 में यह आंकड़ा अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर जा पहुंचा है. इसको लेकर बीते दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और बिहार के हेल्थ मिनिस्टर मंगल पांडेय ने एसकेएमसीएच का दौरा किया था. इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में इंसेफलाइटिस से पीड़ित बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अलग से 100 बेड का वार्ड बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी एईएस से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए हरसंभव इंतजाम करने का आदेश दिया है.

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इस बीच मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत को लेकर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी किया है. नोटिस में इंसेफलाइटिस के कारण हुई बच्चों की मौत को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. आयोग ने यह भी पूछा है कि मुजफ्फरपुर में एईएस के वायरस के प्रसार को लेकर संबंधित एजेंसियों ने पिछले कुछ वर्षों में क्या-क्या इंतजाम किए हैं. सरकारी स्तर पर इस बीमारी की रोकथाम के लिए क्या-क्या उपाय किए गए हैं. एईएस के कारण 100 से ज्यादा बच्चों की मौत के बावजूद श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दवाओं की कमी, डॉक्टरों की नामौजूदगी और बदइंतजामी को लेकर मीडिया में आईं खबरों पर संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से रिपोर्ट तलब किया है.