पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत 19 जनवरी को बनाए जाने वाली राज्यव्यापी मानव श्रंखला को लेकर लगातार विपक्षी पार्टियां निशाना साध रही हैं. इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस मानव श्रंखला को नीतीश कुमार की एक और नौटंकी बताकर निशाना साधा है. राबड़ी देवी ने शनिवार को ट्वीट किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश जी ने शराबबंदी पर मानव श्रंखला की थी, हमने समर्थन भी किया था. लेकिन क्या उससे शराब बंद हुई? नहीं न? बाल विवाह और दहेज पर भी करोड़ों रुपये खर्च कर मानव श्रंखला बनाई, क्या हुआ? अब सीएम ने इनका जिक्र करना भी छोड़ दिया है. अब एक और श्रंखला की नौटंकी? क्यों गरीबों का हक खा रहे हैं?

पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने भी मानव श्रंखला को लेकर हो रहे खर्च पर सवाल उठाया है. बिहार विधानसभा में विपक्ष की नेता तेजस्वी ने सवालिया लहजे में ट्वीट कर लिखा, “याद कीजिए, बिहार में आई बाढ़ और भ्रष्टाचारजनित पटना के जल जमाव को. लोग त्राहिमाम कर रहे थे. राहत के लिए एक हेलीकॉप्टर तक नीतीश सरकार के पास नहीं था, लेकिन करोड़ों रुपये वाली ‘सरकारी फेयर एंड लवली’ से चेहरा चमकाने के वास्ते 15 हेलीकॉप्टर और मुंबई से फोटोग्राफर बुलाए जा रहे हैं.


तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि सामाजिक, राजनीतिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह के दागदार चेहरे पर हाई-रिजोल्यूशन फिल्टर लगाकर फेस चमकाने वास्ते 15 हेलिकॉप्टरों में मुंबई से फोटोग्राफर बुलाए जा रहे हैं. सिपाही परीक्षा रद्द की गई, शिक्षकों को वेतन नहीं, लेकिन मानव श्रंखला की नौटंकी पर पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है.” उल्लेखनीय है कि रविवार को राज्य में ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत राज्यव्यापी मानव श्रंखला बनेगी. इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है.