पटना: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को ‘1965 और 1971 की गलतियों’ को न दोहराने की चेतावनी देते हुए रविवार को कहा कि जिस तरह से वहां मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है और आतंकवाद पनप रहा है, उससे इस मुल्क को खंड खंड होने से कोई नहीं रोक सकता. भाजपा द्वारा यहां आयोजित “जन जागरण सभा” को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने अनुच्छेद 370 और 35 ए को “नासूर” की संज्ञा देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद इसी के कारण पनपा और इस राज्य को “लहू-लुहान” किया.

 

उन्होंने कहा कि वास्तव में जम्मू कश्मीर की आबादी के तीन चौथाई से अधिक लोग इस प्रावधान को निरस्त करने के पक्षधर थे. राजनाथ ने कहा कि भाजपा जो वादे करती है उन्हें पूरा करती है. हमारे इरादे अच्छे थे और इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि हमारे गठबंधन सहयोगियों ने भी हमारे इस कदम का पूरे दिल से समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में जम्मू कश्मीर का नजारा बदल जाएगा और वह धरती का फिर से स्वर्ग होगा. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने वालों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ कहे जाने पर राजनाथ ने कहा कि जो आतंकवादी हैं वह विशुद्ध रूप से आतंकवादी हैं उन्हें स्वतंत्रता सेनानी नहीं कहा जा सकता है.

अमित शाह ने ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ के लिए नेहरू को ठहराया जिम्मेदार, कही ये बात

उन्होंने कहा कि देखते हैं कि वे यहां (भारत में) कितने आतंकवादी भेज सकते हैं. उनमें से कोई भी वापस नहीं लौट पाएगा. राजनाथ ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि 1965 और 1971 को दोहराने की गलती नहीं होनी चाहिए नहीं तो खमियाजा भुगतना पडेगा और अगर इसे दोहराया गया तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का क्या होगा यह विचार पड़ोसी देश को कर लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर यही सिलसिला चलता रहा, जैसा कि बलोच और पख्तून समुदाय के लोगों के मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है और वहां आतंकवाद पनप रहा है, तो इससे पाकिस्तान को खंड—खंड होने से कोई नहीं रोक सकता.

सिंह ने कहा कि वह अपने आप खंड—खंड हो जाएगा. उसे किसी और को तोडने की जरूरत नहीं है. उन्होंने पड़ोसी देश को जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम के मद्देनजर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के खिलाफ आगाह किया और कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी शुरू होगी जब वह आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद कर देगा. उन्होंने कहा कि उसे यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के बारे में बातचीत हो सकती है. सभा को केंद्रीय मंत्रियों रविशंकर प्रसाद और नित्यानंद राय तथा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया.