नई दिल्ली: आशा पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के खिलाफ धरने पर बैठ गई हैं. आशा रामविलास पासवान की बेटी हैं. आशा बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी की शिक्षा को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर अपने पिता से नाराज हैं. धरने पर बैठीं आशा की मांग है कि उनके पिता राम विलास पासवान माफ़ी मांगें और अपना बयान वापस लें. आशा ने कहा कि पिता राम विलास पासवान को सभी महिलाओं का सम्मान करना चाहिए.

बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी की शिक्षा को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने राबड़ी को अंगूठाछाप बताया था. पासवान ने बिना नाम लिये कहा था कि वे (राजद) सिर्फ नारेबाजी करते हैं और एक अंगूठाछाप को मुख्यमंत्री बनाते हैं. रामविलास पासवान के इस बयान का उनकी बेटी आशा पासवान ने ही विरोध शुरू कर दिया. आशा पासवान लोजपा के राज्य मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठी हैं. उनके साथ कई अन्य महिलाएं भी हैं. आशा व अन्य महिलाएं हाथ में पोस्टर लिए हैं. धरना स्थल पर बैनर भी लगा है. इस पर ‘रामविलास पासवान माफ़ी मांगो, महिलाओं का अपमान करना बंद करो’ लिखा है. बेटी द्वारा ही विरोध किये जाने का ये मामला और धरना प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है.

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री को बताया अंगूठाछाप, रामविलास पासवान की बेटी ने पिता से की माफी की मांग

आशा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उनके पिता इसके लिए माफी नहीं मांगते तो महिलाओं के साथ वे पटना स्थित लोजपा के प्रदेश मुख्यालय के समक्ष धरना पर बैठेंगी. बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव जदयू और भाजपा के साथ मिलकर लड़ने जा रहे पासवान ने शुक्रवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान राजग नीत केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण का विरोध करने को लेकर राजद पर निशाना साधा था. 1997 में राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने चारा घोटाला के मामले में गिरफ्तारी का सामना करने पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था जिन्होंने कम औपचारिक शिक्षा प्राप्त की है. आशा ने कहा कि उनके पिता ने यह बयान देकर राबड़ी देवी को अपमानित किया है इससे हम सभी महिलाएं दुखी हैं. उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मेरी मां भी अनपढ़ थीं जिसके कारण पिता (पासवान) ने उन्हें छोड़ दिया.

आशा पासवान रामविलास की पहली पत्नी राजकुमारी देवी की पुत्री हैं. आशा के पति साधु पासवान पिछले साल राजद में शामिल हो गये थे. पिछले साल साधु पासवान ने घोषणा की थी कि राजद द्वारा टिकट दिए जाने पर वे हाजीपुर लोकसभा सीट से रामविलास के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं. रामविलास जो कि पिछले लोकसभा चुनाव में हाजीपुर से सांसद चुने गए थे, अगले लोकसभा चुनाव में स्वास्थ्य कारणों ने उनके वहां से चुनाव नहीं लड़ने और राज्यसभा जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं.