नई दिल्ली: केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने कहा है कि जिस प्रकार से बिहार में कोरोना के मामले (Bihar Coronavirus Update) तेजी से बढ़ रहे हैं उसे रोकने के लिए ज्यादा संख्या में कोविड-19 के टेस्ट की जरूरत है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, दिल्ली , उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं और ऐसी कंडीशन बिहार में न आए इसलिए परीक्षण में तेजी के साथ ज्यादा संख्या में टेस्ट करने की आवश्यकता है. The Economic Times से बातचीत के दौरान राम विलास पासवान ने यह बात कही. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, राज्य में तेजी से कोरोना के मामलों में वृद्धि हो रही है. बिहार इन दिनों कोरोनावायरस और बाढ़ की दोहरी मार झेल रहा है. जिससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है. Also Read - Maharashtra Covid-19 Update: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 12,248 नए मामले, 390 लोगों की मौत

The Economic Times से बातचीत के दौरान रामविलास पासवान ने जरूरत में फंसे लोगों तक जरूरी सामान और राशन पहुंचाने के बारे में बात करते हुए बताया कि किस तरह से वह और उनके बेटे चिराग पासवान इस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने राज्य कहा- राज्य में लोगों को किसी भी तरह से राशन की कमी नहीं होने दी जाएगी. हालांकि, अभी तक हमारे पास राशन को लेकर किसी भी तरह की अतिरिक्त मांग नहीं आई है. हम पहले से ही देश भर के लोगों के एक बड़े हिस्से को मुफ्त राशन दे रहे हैं. Also Read - उत्तर प्रदेश में कोविड-19 से 41 और की मौत, 4687 नए मामलों की पुष्टि

PMGKY (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना) को पहले ही नवंबर 2020 तक बढ़ाया जा चुका है. योजना को बढ़ाए जाने के बाद राज्य सरकारों को आवंटित किए जाने वाले खाद्यान्न का 83 प्रतिशत पहले ही सौंप दिया गया है. अब यह खाद्यान्न तमाम राज्य सरकारों को PMGKY योजना के तहत आने वाले लोगों में वितरित करना है. यह सुनिश्चित करेगा कि देश के हर नुक्कड़ और कोने में रहने वाले जरूरतमंद व्यक्ति तक यह खाद्यान्न पहुंचे. सरकार का यह उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब व्यक्ति बिना भोजन के भूखा ना सोए. Also Read - Covid-19 Cases in Maharashtra: एक दिन में महाराष्ट्र में आए कोरोना के 12,822 नए मामले, कुल मामले 5 लाख के पार हुए

बिहार में बाढ़ की मार और इसके स्थाई समाधान के सवाल पर वह बोले- ‘पूरा बिहार नहीं बल्कि उत्तर बिहार के 12 से 13 डिस्ट्रिक्ट बाढ़ से प्रभावित हैं. मध्य और दक्षिण बिहार काफी हद तक इस आपदा से दूर हैं और यहां बाढ़ का सकंट देखने नहीं मिलता. राज्य में बाढ़ के कई कारण हैं. जिस पर एक्सपर्ट्स ही कुछ कह सकते हैं.’

वहीं राज्य में कोरोना टेस्टिंग के सवाल पर वह बोले- ‘बिहार में कोरोना वायरस की टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत है. राज्य में ज्यादा से ज्यादा कोरोना की टेस्टिंग होना चाहिए, ताकि इस महामारी को फैलने से रोका जा सके. दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तरफ देखिए, जो हर दिन ज्यादा से ज्यादा संख्या में टेस्टिंग करा रहे हैं. बिहार की तुलना में इन राज्यों की स्थिति तेजी से ठीक हो रही है. अभी सेंट्रल गवर्मेंट की टीम ने राज्य का दौरा किया है मुझे उम्मीद है कि राज्य में हालात जल्दी ही ठीक होंगे.’