पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान पर आज आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक पारित होने का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं. मांझी ने इसके लिए पासवान की आलोचना की. बता दें कि केंद्रीय मंत्री और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने एससी/एसटी संशोधन विधेयक को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को सबसे बड़ा अंबेडकरवादी करार दिया था. पासवान ने रविवार को कहा था कि पीएम मोदी ने एससी/एसटी अधिनियम के कड़े प्रावधानों को बहाल रखकर खुद को डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सबसे बड़े अनुयायी के रूप में साबित कर दिया है.

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मांझी को थी मुजफ्फरपुर स्कैंडल की भनक
बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर वे कुछ दिन और मुख्यमंत्री पद पर रह जाते तो मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड नहीं होता. मांझी ने इसके लिए सीएम नीतीश कुमार को जमकर कोसा. पूर्व सीएम मांझी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘मेरे मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान मुजफ्फरपुर जैसी घटनाओं की भनक मुझे मिल रही थी. इसको लेकर मैंने कार्रवाई करने का मन भी बनाया था. लेकिन नीतीश कुमार ने मुझे मुख्यमंत्री पद से ही हटा दिया.’ उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की. साथ ही कहा कि अगर वे (सीएम) ऐसा नहीं करते तो हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के कार्यकर्ता हर कार्यक्रम में उनका विरोध करेंगे. बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रहने वाली 34 लड़कियों के यौन उत्पीड़न का मामला पिछले एक महीने से सुर्खियों में है. इस मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर जेल में है. लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर देशभर में हुई आलोचना के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है.