मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिला स्थित एक बालिका आश्रय गृह में यौन शोषण से इंकार करने पर एक लड़की की हत्या किये जाने का मामला सामने आने के बाद सोमवार को परिसर में शव की तलाश के लिये खुदाई की गई. खुदाई में हालांकि पुलिस को कुछ भी बरामद नहीं हुआ.

मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने बताया कि उक्त बालिका गृह में पूर्व में रह चुकी एक लड़की के बयान के आधार पर वहां खुदाई करायी गयी थी पर दोषी ठहराए जाने वाली कोई चीज बरामद नहीं हुई है. खुदाई स्थल से निकली मिट्टी को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा.

लड़की और उसके साथ रहने वाली दो अन्य लड़कियों ने खुदाई वाली जगह की पहचान की थी. इसके बाद तीनों को पटना से मुजफ्फरपुर ले जाकर महिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बालिका गृह परिसर में खुदाई कराई गई. खुदाई स्थल की पहचान करने वाली लडकी ने बताया था उनके साथ रह रही एक लड़की के यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर उसकी पिटाई की गई थी जिससे उसकी मौत हो गई. उसके शव को बालिका गृह परिसर में ही जमीन के नीचे गाड़ दिया गया था.

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कौर ने कहा कि ये लड़कियां 10 से 12 साल की हैं और उनके अबतक के बयान बहुत सुसंगत नहीं हैं. फिर भी हमारे पास जो इनपुट था उसके आधार पर जांच की गई. उन्होंने कहा कि 2013 से मई 2018 के बीच उक्त बालिका गृह से छह लड़कियों के गायब होने की बात सामने आई है जिसकी जांच वहां का रजिस्टर जब्त कर की जा रही है.

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कौर ने पूर्व में बताया था कि उक्त बालिका गृह की 21 लड़कियों की जांच किए जाने पर उनमें से 16 के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी. नारी निकेतन में 40 से अधिक लड़कियां रह रही थी और इस मामले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बालिका गृह के संचालक और वहां काम करने वाली महिला कर्मियों समेत कुल दस लोग गिरफ्तार किये गये हैं. कौर ने बताया कि उक्त बालिका गृह को सील कर दिया गया है और वहां की लड़कियों को अन्य जिलों के नारी निकेतनों में भेज दिया गया है तथा उसे चलाने वाले एनजीओ को काली सूची में डाल दिया गया है.